
नई दिल्ली। अमेरिका (America) में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव (Midterm Election) से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। मीडिया के ताजा सर्वे में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसका सीधा असर रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) के चुनावी समीकरणों पर पड़ता दिख रहा है। सर्वे में डेमोक्रेटिक पार्टी को रजिस्टर्ड वोटरों की पसंद में 5 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली है।
ट्रंप की रेटिंग में गिरावट की प्रमुख वजहों में ईरान युद्ध और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर जनता की नाराजगी सामने आई है। डेमोक्रेट समर्थक इस चुनाव को लेकर रिपब्लिकन समर्थकों की तुलना में अधिक उत्साहित भी नजर आए। ऐसे में ट्रंप की घटती लोकप्रियता नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है।
हाउस में बहुमत से सिर्फ तीन सीट दूर डेमोक्रेट
मिडटर्म चुनाव में सबसे बड़ा मुकाबला हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को लेकर है। फिलहाल 218 सीटों के साथ रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बढ़त हासिल है, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं। हाउस में बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को अब केवल तीन सीटें और जीतनी होंगी।
करीब 50 सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। अगर डेमोक्रेट्स हाउस में बहुमत हासिल कर लेते हैं तो ट्रंप प्रशासन पर संसदीय जांच का दबाव बढ़ सकता है। साथ ही कई महत्वपूर्ण कानूनों को पारित कराने के लिए ट्रंप सरकार को डेमोक्रेट्स के साथ समझौता करना पड़ सकता है।
सीनेट में भी कड़ा मुकाबला, चार सीटों की जरूरत
सीनेट में तस्वीर फिलहाल हाउस के मुकाबले ज्यादा अनिश्चित है। कई सीटों पर दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए रिपब्लिकन की चार सीटें अपने पाले में लानी होंगी।
अगर डेमोक्रेट्स सीनेट में बहुमत हासिल कर लेते हैं तो ट्रंप के नामित उम्मीदवारों की नियुक्तियों को रोकने या उन पर दबाव बढ़ाने की उनकी क्षमता मजबूत हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट में भविष्य में कोई सीट खाली होने की स्थिति में सीनेट का नियंत्रण और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
क्यों ट्रंप की लोकप्रियता बनी चुनावी मुद्दा?
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में आमतौर पर मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज को लेकर जनता की राय का असर देखने को मिलता है। राष्ट्रपति की पार्टी को अक्सर सत्ता में रहते हुए सीटों का नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार ट्रंप की कम होती अप्रूवल रेटिंग रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गई है।
इतिहास भी रिपब्लिकन के लिए चिंता बढ़ाता है। 1938 के बाद से केवल दो ऐसे मिडटर्म चुनाव हुए हैं, जब राष्ट्रपति की पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने में सफल रही। ऐसे में नवंबर का चुनाव सिर्फ ट्रंप की लोकप्रियता का इम्तिहान नहीं, बल्कि कांग्रेस में रिपब्लिकन के नियंत्रण के लिए भी अहम मुकाबला माना जा रहा है।
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