
इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मेट्रिक्स के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में साइबर ठगी के ऐसे तरीके का खुलासा हुआ है, जिसमें बैंक खातों से आने वाले ओटीपी को विशेष ऐप के जरिए कथित तौर पर विदेशों में बैठे ऑपरेटरों तक पहुंचाया जाता था। पूरे मामले में चीनी कंपनियों और टेलीग्राम चैनलों के कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
इंदौर में साइबर अपराध के खिलाफ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई की गई थी, अब जांच में इसका चीनी कनेक्शन सामने आया है, गिरफ्तार आरोपियों दीपक राव और गौरव राठौर से पूछताछ में कई खुलासे हो रहे है, जांच की शुरुआत यूको बैंक की महू शाखा से जुड़े एक म्यूल खाते से हुई। पुलिस के मुताबिक इस खाते से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड की दर्जनों शिकायतों का कनेक्शन सामने आया है, पुलिस पूछताछ में साइबर फ्रॉड के कथित तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपी बैंक खातों से जुड़ी जानकारी अकाउंट नंबर, IFSC कोड, इंटरनेट बैंकिंग लॉगिन डिटेल और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर हासिल कर लेते थे, इसके बाद इन जानकारियों को टेलीग्राम के कथित चाइनीज चैनल के जरिए दूसरे ऑपरेटरों तक पहुंचाया जाता था।
आरोपियों के मुताबिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए आने वाले ओटीपी को विशेष ऐप के जरिए दूसरे ऑपरेटरों तक पहुंचाया जाता था, जांच में app-release, SoulSMS और DreamPay जैसे विशेष ओटीपी ऐप का जिक्र सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संबंधित ऐप की एपीके फाइल कथित तौर पर चीनी कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई जाती थी।सिम जिस मोबाइल में लगी होती थी, उसी मोबाइल में ऐप धोखे से डाउनलोड करवा दिया जाता था, ऐप के सर्वर के ऑनलाइन रहने के दौरान बैंकिंग ट्रांजेक्शन से जुड़े ओटीपी कथित तौर पर संबंधित ऑपरेटर तक पहुंचते थे, जिसके बाद खाते से ट्रांजेक्शन किए जाते थे, पूछताछ में आरोपियों ने टेलीग्राम पर कंपनियों से जुड़े कई चैनल और ग्रुप होने की जानकारी भी दी है, पुलिस के मुताबिक आरोपी ने करीब चार कंपनियों के संपर्क में होने और प्रत्येक कंपनी में करीब 8 से 10 एजेंटों के काम करने की बात बताई है।
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