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सिंगापुर के प्रधानमंत्री को सैलरी में मिलेंगे 27 करोड़ रुपये, साथ में ये सुविधाएं भी!

September 09, 2026

नई दिल्ली: दुनिया में जहां कई देशों में नेताओं की सैलरी को लेकर बहस होती रहती है, वहीं सिंगापुर ने अपने राजनीतिक नेताओं के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग (Prime Minister Lawrence Wong) की बेंचमार्क सालाना सैलरी 60 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 36 लाख सिंगापुर डॉलर हो जाएगी. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 27 करोड़ रुपये सालाना बैठती है. लॉरेंस वोंग ने मंगलवार को संसद में राजनीतिक नेताओं की सैलरी बढ़ाने की जानकारी दी. सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद सक्षम लोगों को राजनीति में आने के लिए आकर्षित करना और देश में अच्छी सरकार बनाए रखना है.

PM की सैलरी में कितना इजाफा?
लॉरेंस वोंग की मौजूदा बेंचमार्क सैलरी 22 लाख सिंगापुर डॉलर है, जो बढ़कर 36 लाख सिंगापुर डॉलर हो जाएगी. यानी इसमें 60 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी. वहीं डिप्टी प्रधानमंत्री की बेंचमार्क सैलरी 18.7 लाख सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 30.6 लाख सिंगापुर डॉलर हो जाएगी. भारतीय रुपये में यह करीब 22.9 करोड़ रुपये सालाना है. कैबिनेट मंत्रियों की बेंचमार्क सैलरी उनकी वरिष्ठता और जिम्मेदारियों के आधार पर 18 लाख से 28.8 लाख सिंगापुर डॉलर के बीच होगी. भारतीय रुपये में यह रकम करीब 13.5 करोड़ से 21.6 करोड़ रुपये सालाना बैठती है.

अभी सभी मंत्रियों को नहीं मिलेंगे इतने पैसे
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. घोषित रकम बेंचमार्क सैलरी है. इसका मतलब यह नहीं है कि सभी मंत्री तुरंत इतनी रकम लेने लगेंगे. मौजूदा राजनीतिक पदाधिकारियों को 15 अक्टूबर से परिस्थितियों के आधार पर अधिकतम 9 फीसदी का एकमुश्त समायोजन मिलेगा. इसके बाद सैलरी में बदलाव संबंधित व्यक्ति के प्रदर्शन और उसकी जिम्मेदारियों के आधार पर किया जाएगा. प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने कहा है कि उनकी अपनी सैलरी में जितनी बढ़ोतरी होगी, वह अपने कार्यकाल के दौरान पूरी रकम उपयुक्त सामाजिक और जनहित के कामों में दान कर देंगे.


  • आखिर इतनी सैलरी क्यों?
    सिंगापुर में राजनीतिक नेताओं की सैलरी लंबे समय से दुनिया में सबसे ज्यादा मानी जाती है. सरकार का तर्क है कि देश को सक्षम और ईमानदार लोगों को राजनीति में आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन देना जरूरी है. लॉरेंस वोंग ने संसद में कहा कि अच्छी सरकार के लिए अच्छा नेतृत्व जरूरी है. उनके मुताबिक असली सवाल यह है कि क्या सिंगापुर भविष्य में भी ऐसे लोगों को राजनीति में ला पाएगा जो देश को आगे ले जाने में सक्षम हों. उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले आम चुनाव से पहले कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से राजनीति में आने को कहा था, लेकिन किसी ने हामी नहीं भरी.

    प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र के कई सीईओ और वरिष्ठ कारोबारियों से भी संपर्क किया. उनके मुताबिक इनमें से भी किसी ने राजनीति में आने के लिए हामी नहीं भरी. कुछ वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी तो सालाना कई मिलियन सिंगापुर डॉलर कमा रहे हैं. वोंग ने कहा कि किसी व्यक्ति से सफल करियर छोड़कर राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की उम्मीद करना आसान नहीं है. खासकर तब, जब उसे अपनी कमाई में बड़ी कटौती करनी पड़ सकती है और चुनाव जीतने की कोई गारंटी भी नहीं होती.

    उन्होंने कहा कि किसी ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि कम सैलरी राजनीति में न आने की वजह है, लेकिन जब किसी व्यक्ति को सफल करियर छोड़ने के लिए कहा जाता है तो पैसा पूरी तरह अप्रासंगिक भी नहीं हो सकता. यही वजह है कि नई वेतन व्यवस्था का उद्देश्य निजी क्षेत्र की कमाई से पूरी तरह मुकाबला करना नहीं, बल्कि राजनीति में आने के वित्तीय नुकसान को कम करना बताया गया है.

    सिंगापुर में लीडरशिप की अगली पीढ़ी की चिंता
    सिंगापुर के सामने नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने की चुनौती भी है. वोंग के मुताबिक डिप्टी प्रधानमंत्री गन किम योंग और मंत्री के. शनमुगम और विवियन बालाकृष्णन अगले कार्यकाल तक 70 साल या उससे अधिक उम्र के हो जाएंगे. ऐसे में सरकार चाहती है कि अगली पीढ़ी के नेता महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार रहें. सरकार के मुताबिक सरकारी सेवा से नए लोगों को राजनीति में लाना पहले से मुश्किल हो रहा है. निजी क्षेत्र से वरिष्ठ लोगों को राजनीति में लाना उससे भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि वहां कई अधिकारी सालाना कई मिलियन सिंगापुर डॉलर कमा रहे हैं.

    MP की सैलरी भी बढ़ेगी
    सिर्फ प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी ही नहीं बढ़ाई जा रही है. सिंगापुर के सांसदों को मिलने वाला मासिक भत्ता भी बढ़ेगा. 15 अक्टूबर से सांसदों का मासिक भत्ता 13,750 सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 18,500 सिंगापुर डॉलर हो जाएगा. सरकार का अनुमान है कि राजनीतिक पदाधिकारियों को अधिकतम 9 फीसदी समायोजन देने से सरकारी वेतन बिल पर हर साल करीब 50 लाख सिंगापुर डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. सांसदों के बढ़े हुए भत्तों पर करीब 66 लाख सिंगापुर डॉलर सालाना अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है.

    15 साल बाद बड़ा बदलाव
    सिंगापुर में मंत्रियों की सैलरी में आखिरी बड़ी समीक्षा करीब 15 साल पहले हुई थी. इसके बाद 2017 में एक स्वतंत्र समीक्षा में वेतन बढ़ाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया. 2023 में होने वाली एक और समीक्षा को भी टाल दिया गया था. अब स्वतंत्र समिति की सिफारिश के आधार पर नई वेतन व्यवस्था लागू की जा रही है. नई व्यवस्था में मंत्री पद के वेतन के चार ग्रेड को घटाकर तीन किया जाएगा. हर ग्रेड के भीतर सैलरी की रेंज बढ़ाई जाएगी, ताकि प्रदर्शन और जिम्मेदारियों के आधार पर वेतन में ज्यादा अंतर किया जा सके.

    सिंगापुर सरकार का कहना है कि यह बदलाव मौजूदा नेताओं को ज्यादा पैसा देने से ज्यादा भविष्य के लिए मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने पर केंद्रित है. सिंगापुर में राजनीतिक वेतन को लेकर बहस नई नहीं है. सरकार लंबे समय से कहती रही है कि प्रतिस्पर्धी वेतन भ्रष्टाचार का जोखिम कम करने और सक्षम लोगों को सार्वजनिक जीवन में लाने में मदद करता है. सिंगापुर को दुनिया के कम भ्रष्टाचार वाले देशों में भी गिना जाता है.

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