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ईरान के हवाई नेटवर्क की घेराबंदी में जुटा अमेरिका: 27 एयरलाइंस पर पाबंदी विमान और जरूरी सामान जुटाना होगा मुश्किल

September 09, 2026

नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान (The US… Iran)के एविएशन सेक्टर (Aviation sector)पर दबाव बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (U.S. Department of the Treasury)ने ईरान से जुड़े नेटवर्क पर नई पाबंदियों का ऐलान किया है। इस कार्रवाई में ईरान की 27 एयरलाइंस को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही तुर्की यूएई मलेशिया और कजाकिस्तान में काम करने वाली कुछ कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि ये कंपनियां ईरानी एयरलाइंस को विमान जरूरी सामान और दूसरी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद कर रही थीं।

अमेरिका की इस कार्रवाई का सीधा असर ईरान के एविएशन कारोबार पर पड़ सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि नए प्रतिबंधों का मकसद उन रास्तों को बंद करना है जिनके जरिए ईरानी एयरलाइंस को विदेशों से पैसा विमान उपकरण और दूसरी जरूरी सुविधाएं हासिल होती हैं। प्रतिबंधों के बाद ईरानी विमानन कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार करना और विदेशी कंपनियों से सेवाएं लेना ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

ईरान का एविएशन सेक्टर लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में रहा है। पुराने प्रतिबंधों के कारण ईरानी एयरलाइंस को नए विमान हासिल करने के साथ साथ विमान के जरूरी पुर्जे और तकनीकी सेवाएं जुटाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। अब नई कार्रवाई के बाद यह दबाव और बढ़ने की आशंका है। खास तौर पर ऐसी कंपनियां ज्यादा मुश्किल में आ सकती हैं जो ईरानी एयरलाइंस के साथ सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कारोबार करती हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने वित्तीय संस्थानों और बैंकों को भी ईरानी एविएशन नेटवर्क से जुड़े लेनदेन पर नजर रखने को कहा है। इसका मतलब यह है कि ईरानी एयरलाइंस के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान करना और विदेशों से जरूरी सामान खरीदना पहले की तुलना में और कठिन हो सकता है। अमेरिका ने साफ संकेत दिया है कि ईरान की विमानन कंपनियों को सहायता देने वाले विदेशी कारोबारी नेटवर्क भी उसकी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

इस कार्रवाई में Mahan Air पर भी दबाव बढ़ाया गया है। अमेरिका पहले से ही इस एयरलाइन पर प्रतिबंध लगा चुका है। अमेरिकी आरोप है कि Mahan Air ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को सहायता पहुंचाने में भूमिका निभाई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कुछ विदेशी कंपनियों ने Mahan Air को विमान हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में मदद की। इसी तरह की गतिविधियों के आरोप में तुर्की और मलेशिया की कुछ कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई है।

अमेरिका के अनुसार कुछ कंपनियों ने Mahan Air को कम से कम तीन Boeing 777 विमान हासिल करने में मदद की। इन विमानों को पहले दूसरे देशों में इस्तेमाल से हटाया गया था और बाद में ईरानी एयरलाइंस के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया। अमेरिका का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की विमानन क्षमता को बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।


  • नई पाबंदियों का असर केवल एयरलाइंस तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। टिकट बिक्री विमान आपूर्ति तकनीकी सेवाओं और दूसरे एविएशन कारोबार से जुड़ी विदेशी कंपनियों को भी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। इससे ईरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क पर दबाव बढ़ सकता है। दुबई दोहा और इस्तांबुल जैसे प्रमुख एयर कनेक्शन वाले क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

    यह कार्रवाई ईरान पर अमेरिकी आर्थिक दबाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। अमेरिका पहले से ही ईरान के तेल और दूसरे आर्थिक क्षेत्रों पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बना रहा है। अब एविएशन सेक्टर को भी निशाना बनाकर अमेरिका ईरान तक पहुंचने वाले विदेशी पैसे सामान और तकनीकी सहायता के रास्तों को और सीमित करना चाहता है। आने वाले समय में यदि ऐसी कार्रवाई और बढ़ती है तो ईरान की एयरलाइंस के लिए विमान संचालन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बनाए रखना बड़ी चुनौती बन सकता है।

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