
नई दिल्ली ।मुंबई (Mumbai) के चेंबूर इलाके में करीब 20 बिल्लियों (Cats) की हत्या और उनके क्षत-विक्षत शव (Mutilated Bodies) मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों (Animal Lovers) में चिंता बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस (Police) ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच (Investigation) शुरू कर दी है।
यह मामला चेंबूर के पंजरापोल इलाके का बताया गया है। स्थानीय स्तर पर बिल्लियों की देखभाल करने वाली रूबीना पठान ने इन बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव देखे थे। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पशुओं के साथ क्रूरता से जुड़े इस मामले में PETA India ने भी हस्तक्षेप किया। स्थानीय कैट केयरगिवर और RCF पुलिस स्टेशन के साथ मिलकर संगठन ने FIR दर्ज कराने में मदद की। पुलिस अब घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिल्लियों को किसने निशाना बनाया।
जांच का एक प्रमुख आधार इलाके में लगे CCTV कैमरे हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में मौजूद कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। जांच टीम घटनास्थल और आसपास के इलाकों से भी जरूरी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिल्लियों की हत्या किसने और किस वजह से की। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बिल्लियों की हत्या और उनके शवों का क्षत-विक्षत हालत में मिलना स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।
जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी जानकारी जुटा रही हैं कि क्या बिल्लियों से जुड़ी सभी घटनाएं किसी एक व्यक्ति या समूह से संबंधित हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी आरोपी की पहचान सामने नहीं आई है और जांच जारी है।
मामले में सुराग जुटाने के लिए PETA India ने भी 50 हजार रुपये तक के इनाम की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक, ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति को यह इनाम दिया जाएगा, जिससे बिल्लियों की हत्या के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद मिल सके।
मुंबई पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 325 और पशु क्रूरता रोकथाम कानून की धारा 11 के तहत केस दर्ज किया है। दी गई जानकारी के अनुसार, BNS की धारा 325 के तहत किसी जानवर को मारना, जहर देना या उसे गंभीर रूप से घायल करना अपराध है। दोषी साबित होने पर पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान बताया गया है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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