वाशिंगटन। अमेरिका (US) में बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (U.S. Department of Homeland Security) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी विवादित पोस्ट को विरोध के बाद हटा दिया। विज्ञापन में ‘मिस्टर सिंह’ (Mr. Singh) नाम का इस्तेमाल करते हुए एक व्यक्ति से अमेरिका छोड़ने को कहा गया था। भारतीय-अमेरिकी, सिख और हिंदू संगठनों के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इसे नस्लीय और भेदभावपूर्ण प्रचार करार दिया।
गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान के तहत यह विज्ञापन जारी किया था। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार तस्वीर में दाढ़ी वाले सांवले रंग के व्यक्ति को दिखाया गया था। तस्वीर के साथ संदेश दिया गया था- ‘हमारी सड़कों से हट जाओ, मिस्टर सिंह, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता।’
विज्ञापन सामने आने के बाद भारतीय-अमेरिकी और सिख संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम और सांसद राजा कृष्णमूर्ति सहित डेमोक्रेट नेताओं ने भी गृह सुरक्षा विभाग की आलोचना की।
न्यूसम के प्रेस कार्यालय ने एक्स पर इसे घिनौना बताते हुए आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन सिख समुदाय को निशाना बनाकर नस्लीय प्रचार कर रहा है।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन, सिख कोएलिशन, हिंदू एक्शन और कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका सहित कई संगठनों ने विज्ञापन पर आपत्ति जताई। संगठनों ने इसे अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ और नस्लीय संदेश वाला बताया।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने पोस्ट हटाए जाने का स्वागत किया। संगठन ने कहा कि उसने एक दिन पहले ही इस पोस्ट पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, उसने स्पष्ट किया कि किसी संघीय एजेंसी की ओर से भारतीय या सिख व्यक्ति की नस्लीय छवि बनाकर राजनीतिक संदेश देना गंभीर मामला है। संगठन के मुताबिक पोस्ट हटाना सिर्फ पहला कदम है और भारतीय-अमेरिकी, सिख, हिंदू तथा दक्षिण एशियाई समुदाय सरकार से बेहतर व्यवहार की उम्मीद करते हैं।
विवादित विज्ञापन हटाने के बाद गृह सुरक्षा विभाग ने कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम पर पलटवार किया। विभाग ने उन पर अवैध प्रवासियों को व्यावसायिक वाहन चलाने के लाइसेंस देने का आरोप लगाया। न्यूसम को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के संभावित उम्मीदवारों में माना जा रहा है।
गृह सुरक्षा विभाग ने इसके बाद ट्रक चालक हरजिंदर सिंह का एक वीडियो भी पोस्ट किया। हरजिंदर सिंह को पिछले वर्ष कथित तौर पर गैरकानूनी यू-टर्न के कारण हुए एक सड़क हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी।
एक अन्य पोस्ट में ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ फिल्म के खलनायक मेगाट्रॉन को दिखाया गया। वीडियो में वह ‘एलियंस’ की रिहाई की मांग करता नजर आया। अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करता है। मेगाट्रॉन को हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकझान बेइशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह की रिहाई की मांग करते दिखाया गया। विभाग के मुताबिक ये लोग सड़क हादसों या अन्य अपराधों में शामिल रहे हैं।
गृह सुरक्षा विभाग ने एक्स पर कहा कि जो लोग अमेरिका के खिलाफ दुश्मनी की नीयत से देश में आते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि अमेरिका अपना बचाव करेगा। विभाग ने अमेरिकी मूल्यों और देश की रक्षा करने की बात कही।
विभाग के एक अन्य पोस्ट में ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ के मुख्य नायक ऑप्टिमस प्राइम को दिखाया गया। उसके कपड़ों पर गृह सुरक्षा विभाग का निशान था और वह उसी दाढ़ी वाले सांवले व्यक्ति के सामने खड़ा दिखाई दिया, जिसे पहले पोस्ट में दिखाया गया था। इसके साथ संदेश था- ‘खुद देश छोड़ो या फिर अंजाम भुगतो।’
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन सहित संगठनों ने विज्ञापन में ‘मिस्टर सिंह’ नाम इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठाया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि सिंह उपनाम वाले लोगों में हिंदू और सिख दोनों शामिल हैं और वे अमेरिकी नागरिक भी हैं। संगठन ने इसे भारतीयों को निशाना बनाने वाला और भेदभावपूर्ण व्यवहार बताते हुए मामले की जांच की मांग की।
कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका ने कहा कि कानून लागू किया जाना चाहिए, लेकिन किसी समुदाय को कार्टून के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए। संगठन के मुताबिक खतरनाक चालक किसी भी रंग, जाति, धर्म या उपनाम से हो सकते हैं। किसी खास उपनाम को निशाना बनाने से सड़कें सुरक्षित नहीं होंगी, बल्कि सिंह और कुमार जैसे नाम वाले लाखों अमेरिकियों के प्रति खतरा और संदेह बढ़ सकता है।
सिख कोएलिशन ने कहा कि 9/11 के 25 वर्ष बाद भी सिख समुदाय को उसके रूप-रंग और पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने कहा कि अमेरिका में बड़ी संख्या में सिखों का उपनाम सिंह है। ‘सिंह’ का अर्थ शेर होता है और समुदाय अपनी पहचान को लेकर पीछे नहीं हटेगा।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने गृह सुरक्षा विभाग के पोस्ट की निंदा करते हुए कहा कि सरकार को अपनी शक्ति का इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का धर्म, विरासत या पहचान यह तय नहीं करती कि वह अमेरिका में रहने योग्य है या नहीं।
कृष्णमूर्ति के मुताबिक अमेरिका में 1.60 लाख से अधिक लोगों का उपनाम सिंह है। ऐसे में सरकारी एजेंसी की ओर से इस नाम को निशाना बनाने से विदेशियों के प्रति नफरत बढ़ सकती है और पूरे समुदाय के प्रति संदेह पैदा हो सकता है।
यह विवाद अमेरिकी सरकार के ‘सीबीपी होम’ कार्यक्रम के प्रचार के दौरान सामने आया। इस कार्यक्रम के तहत ऐसे प्रवासी, जिनके पास अमेरिका में रहने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं हैं, स्वेच्छा से देश छोड़ने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार, जो लोग स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने के लिए पंजीकरण कराते हैं, उन्हें यात्रा में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा उन्हें 2,600 डॉलर की विदाई राशि भी दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
विवादित विज्ञापन हटाए जाने के बावजूद ‘मिस्टर सिंह’ नाम के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी राजनीति और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच बहस जारी है।
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