
नई दिल्ली । बॉलीवुड(Bollywood) अभिनेता आर माधवन(actor R. Madhavan) अपनी शानदार एक्टिंग (Brilliant acting)के साथ अपनी सादगी और बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने पढ़ाई और दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की थी। इसी दौरान उन्हें एक स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम (Student Exchange Program)के तहत कनाडा जाने का मौका मिला था। कनाडा में बिताए उस दौर की कई यादें आर माधवन आज भी नहीं भूले हैं। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने वहां के अपने अनुभवों को याद करते हुए ऐसा किस्सा सुनाया था जिसने काफी लोगों का ध्यान खींचा था।
आर माधवन ने बताया था कि उन्हें रोटरी की ओर से एक्सचेंज स्टूडेंट बनने का मौका मिला था। इसी कार्यक्रम के तहत वह कनाडा पहुंचे थे। वह स्टेटलर नाम की जगह पर गए थे जिसे उन्होंने वाइल्ड वेस्ट इलाके के तौर पर याद किया। माधवन के मुताबिक वहां का माहौल उनके लिए भारत से काफी अलग था। वह काउबॉय लोगों के बीच रहे और उनके जीवन को करीब से देखने का मौका मिला।
इसी दौरान आर माधवन ऐसे परिवार के साथ भी रहे जिनका जीवनयापन गायों को काटने के काम से जुड़ा हुआ था। माधवन ने बताया था कि वह खुद पूरी तरह शाकाहारी हैं और ऐसे माहौल में रहना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने इस अनुभव को अपने नजरिए से जोड़ते हुए कहा था कि गाय की हत्या उनके लिए अधर्म था। हालांकि उन्होंने इस अनुभव को दूसरे लोगों को समझने और अलग संस्कृति को करीब से जानने का एक अवसर भी माना।
कनाडा में बिताए दिनों के दौरान आर माधवन को सिर्फ खानपान और जीवनशैली के अंतर का सामना नहीं करना पड़ा बल्कि उन्हें वहां की सामाजिक परिस्थितियों के साथ भी तालमेल बैठाना पड़ा। उन्होंने बताया था कि वह एक बास्केटबॉल टीम का हिस्सा भी थे। मैच के बाद खिलाड़ियों को बॉयज लॉकर रूम में जाना होता था और वहां सभी के लिए एक साथ शावर लेना सामान्य बात थी।
आर माधवन ने मजेदार अंदाज में बताया था कि उन्हें खेल खेलने से ज्यादा चिंता शावर रूम में जाने की होती थी। इसकी वजह उनका पारिवारिक माहौल था। उन्होंने बताया था कि वह दक्षिण भारतीय परिवार से आते हैं जहां घर में भी बिना कपड़ों के घूमने की आदत नहीं थी। ऐसे में उनके लिए सामूहिक शावर का अनुभव काफी असहज करने वाला था।
माधवन के मुताबिक शुरुआत में वह समझ नहीं पा रहे थे कि इस स्थिति से कैसे निपटें। आखिरकार उन्होंने तय किया कि वह अपना अंडरवियर पहनकर ही शावर लेंगे। जब वह ऐसा करके शावर एरिया में पहुंचे तो वहां मौजूद दूसरे लड़के भी उन्हें देखने लगे। उन्हें यह स्थिति भी अजीब लगी। उन्होंने कुछ दिनों तक वहां के तौर तरीके समझने की कोशिश की लेकिन बाद में उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस तरह सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं और इसके बाद वह अंडरवियर पहनकर ही शावर लेने लगे।
आर माधवन के कनाडा के ये अनुभव बताते हैं कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले उनकी जिंदगी में भी ऐसे कई पड़ाव आए जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। अलग देश और अलग संस्कृति के बीच रहकर उन्होंने न केवल नए अनुभव हासिल किए बल्कि वहां के लोगों और उनकी जीवनशैली को भी करीब से समझा। यही वजह है कि आज भी वह अपने पुराने दिनों के किस्से सुनाते हैं तो उनमें संघर्ष के साथ कई दिलचस्प और यादगार अनुभव भी नजर आते हैं।
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