
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) में बुध (Mercury) को बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़ा ग्रह माना जाता है। 18 सितंबर 2026 को बुध अपनी उच्च और प्रिय राशि कन्या (Virgo) में उदित होने जा रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार किसी ग्रह के उदित होने पर उसकी प्रभाव क्षमता मजबूत होती है। कन्या राशि में बुध के उदय से भद्र राजयोग (Bhadra Rajyoga) को बल मिलने की बात कही जा रही है। इस ग्रह परिवर्तन का असर सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है, लेकिन तीन राशियों के लिए आर्थिक और करियर संबंधी अवसर विशेष रूप से शुभ बताए जा रहे हैं।
वृषभ: निवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ के संकेत
वृषभ राशि से पांचवें भाव में बुध का उदय होगा। ज्योतिष में इस भाव को ज्ञान, बुद्धि, निवेश और अचानक मिलने वाले लाभ से जोड़ा जाता है। ऐसे में बुध का उदय वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
पहले किए गए किसी निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना जताई जा रही है। शेयर बाजार, ट्रेडिंग या लॉटरी जैसे क्षेत्रों से जुड़े जातकों के लिए भी लाभ के योग बताए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण हो सकता है और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना मानी जा रही है।
मिथुन: प्रॉपर्टी से नौकरी तक मिल सकती है खुशखबरी
मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं और इस राशि के जातकों के चौथे भाव में उनका उदय होगा। चौथा भाव सुख-सुविधा, संपत्ति और वाहन से संबंधित माना जाता है। इसलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दौरान नया मकान या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है।
पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से कोई विवाद चल रहा है तो उसके सुलझने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खबर मिलने की संभावना है। मीडिया, मार्केटिंग, आईटी और बैंकिंग से जुड़े लोगों के लिए भी आर्थिक लाभ के अवसर बनने की बात कही गई है।
कन्या: रुके काम होंगे तेज, बड़ी डील के योग
बुध कन्या राशि के स्वामी हैं और 18 सितंबर को इसी राशि के प्रथम भाव में उदित होंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इसका असर जातक की सोच, निर्णय क्षमता और व्यक्तित्व पर पड़ सकता है।
बुध के उदय के बाद रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। कारोबारियों को बड़ी डील मिलने और उससे अच्छा मुनाफा होने के योग बताए जा रहे हैं। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होने के साथ कार्यस्थल और सामाजिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।
बुध उदय पर क्या करें?
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार बुध को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय बताए जाते हैं। बुधवार को भगवान गणेश को 21 दूर्वा चढ़ाने और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाने की सलाह दी जाती है। जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या स्टेशनरी की सामग्री दान करना भी शुभ माना जाता है।
इसके अलावा तुलसी की माला से रोजाना कम से कम 108 बार बुध देव के बीज मंत्र का जाप करने और बुधवार या नियमित रूप से गाय को हरा चारा अथवा पालक खिलाने की मान्यता है।
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