
नई दिल्ली: अमेरिका के साथ चल रहे सैन्य अभ्यास के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस पहुंचे हैं. 16 से 18 सितंबर 2026 तक उनका मॉस्को दौरा है. इस दौरे का मकसद भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों और दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करना है. रूस दौरे के दौरान जनरल धीरज सेठ को मॉस्को में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
वह टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी देंगे. सेना प्रमुख रूस की लैंड फोर्सेज के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई मोर्दविचेव से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, ट्रेनिंग और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. जनरल धीरज सेठ नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर, मॉस्को का दौरा भी करेंगे.
इसके अलावा रूसी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इनमें रक्षा उद्योग और खरीद से जुड़े उप रक्षा मंत्री वसीली ओस्माकोव भी शामिल हैं. इन बैठकों में आधुनिक सैन्य तकनीक, रक्षा उद्योग और भारत-रूस रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है. दौरे के अगले चरण में सेना प्रमुख सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे, जहां वह मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा करेंगे. वहां के अधिकारियों और फैकल्टी से बातचीत करेंगे.
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, जनरल धीरज सेठ का यह दौरा भारत-रूस के बीच मिलिट्री डिप्लोमेसी और आर्मी-टू-आर्मी Cooperation को और मजबूत करने की दिशा में अहम है. इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
भारत और अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त युद्ध अभ्यास मंगलवार को उत्तराखंड के औली में शुरू हो गया है. इसका मकसद दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना, नई चुनौतियों से निपटना और दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह अभ्यास औली के साथ-साथ राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी एक साथ चल रहा है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved