img-fluid

रूस-चीन का अमेरिका को झटका: ईरान प्रतिबंध निगरानी वाले UN प्रस्ताव पर किया वीटो

September 18, 2026

नई दिल्ली. ईरान (Iran) के मुद्दे पर रूस (Russia) और चीन (China) ने अमेरिका (US) को बड़ा झटका दिया है. दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN) में उस प्रस्ताव को वीटो (Veto) कर दिया, जिसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों की निगरानी के लिए UN विशेषज्ञों का काम एक साल और जारी रखने की बात कही गई थी. अमेरिका ने यह प्रस्ताव रखा था. वोटिंग में प्रस्ताव 11-2 से खारिज हो गया. पाकिस्तान और सोमालिया ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

हालांकि, रूस और चीन के वीटो से ईरान पर लगे प्रतिबंध खत्म नहीं हुए हैं. ये प्रतिबंध अभी भी लागू हैं. इनमें ईरान की विदेशों में मौजूद संपत्तियों को फ्रीज करना, हथियारों से जुड़े सौदों पर रोक और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े काम पर कार्रवाई शामिल है.


  • 2025 में प्रतिबंधों को दोबारा किया गया था लागू
    इन प्रतिबंधों को 27 सितंबर 2025 को दोबारा लागू किया गया था. फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते में मौजूद ‘स्नैपबैक’ प्रावधान का इस्तेमाल किया था. इसके बाद सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति को फिर से सक्रिय किया गया और प्रतिबंधों पर नजर रखने के लिए UN विशेषज्ञों के पैनल को मंजूरी मिली.

    अमेरिका चाहता था कि इस पैनल का कार्यकाल एक साल और बढ़ाया जाए. लेकिन रूस के UN राजदूत वासिली नेबेंज़िया ने कहा कि ईरान पर ‘स्नैपबैक’ के जरिए प्रतिबंध दोबारा लगाना ही कानूनी नहीं था. उनके मुताबिक, विशेषज्ञों का कार्यकाल बढ़ाने वाला प्रस्ताव भी कानूनी आधार के बिना था.

    अमेरिका ने रूस और चीन के फैसले पर सवाल उठाए. UN में अमेरिकी उप राजदूत जेनिफर लोकेटा ने कहा कि विशेषज्ञ पैनल ईरान और उसके सहयोगियों के बीच प्रतिबंधों के तहत प्रतिबंधित सहयोग को सामने ला सकता था. उन्होंने कहा कि पैनल के बिना प्रतिबंधों के उल्लंघन पर स्वतंत्र और सबूतों पर आधारित रिपोर्टिंग में कमी आएगी.

    ईरान ने रूस-चीन के वीटो का किया स्वागत
    ईरान ने रूस और चीन के वीटो का स्वागत किया. उसके UN मिशन ने दोनों देशों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों की कोशिश को रोक दिया.

    इस बीच, फ्रांस ने कहा कि ईरान पर प्रतिबंधों को लागू करना जरूरी है ताकि तेहरान अपने परमाणु दायित्वों पर वापस लौटे. फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ एक अलग निगरानी व्यवस्था बनाने का विकल्प भी सामने रखा गया है.

    इस पूरे घटनाक्रम से सुरक्षा परिषद में ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और रूस-चीन के बीच बढ़ता मतभेद साफ दिख रहा है. प्रतिबंध जारी हैं, लेकिन उनकी निगरानी के लिए UN का नया तंत्र बनाने पर रूस और चीन ने रोक लगा दी है.

    Share:

  • West Bengal: ममता की TMC ने चुनाव आयोग को भेजे नए नाम-चिह्न, 28 साल बाद बदलेगा पार्टी का निशान?

    Fri Sep 18 , 2026
    नई दिल्ली। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC ) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) के अंतरिम आदेश पर अपना जवाब भेज दिया है। ममता बनर्जी पार्टी की संस्थापक और अध्यक्ष हैं। निर्वाचन आयोग ने छह अक्तूबर को होने वाले पश्चिम बंगाल के उपचुनावों के लिए अस्थायी तौर पर अखिल भारतीय तृणमूल […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved