img-fluid

सोने की ज्वेलरी खरीदना हुआ महंगा, हॉलमार्किंग फीस 45 से बढ़कर 75 रुपए, 18% GST भी देना होगा

September 21, 2026

नई दिल्ली। सोने (Gold) की कीमतों में तेजी के बीच ज्वेलरी (Jewelry) खरीदने वालों के लिए एक और खर्च बढ़ गया है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस (Hallmarking fee) में करीब 66.7% की बढ़ोतरी की है। अब प्रति आभूषण हॉलमार्किंग शुल्क 45 रुपए से बढ़कर 75 रुपए हो गया है। नई दर 14 सितंबर से लागू हो चुकी है। इसके ऊपर 18% GST अलग से देना होगा, यानी टैक्स जोड़ने के बाद हॉलमार्किंग का खर्च 88.50 रुपए प्रति आभूषण बैठेगा। चांदी की हॉलमार्किंग फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 35 रुपए प्रति आर्टिकल बनी हुई है।

वजन नहीं, हर आभूषण के हिसाब से लगेगा शुल्क
हॉलमार्किंग शुल्क की खास बात यह है कि इसे आभूषण के वजन के आधार पर नहीं, बल्कि प्रति आर्टिकल लिया जाता है। यानी एक ग्राम की अंगूठी हो या उससे कहीं अधिक वजन का आभूषण, हॉलमार्किंग शुल्क का आधार आर्टिकल ही रहेगा।

इसका असर हल्के वजन के आभूषणों पर तुलनात्मक रूप से ज्यादा दिखाई दे सकता है। उदाहरण के लिए कम वजन की अंगूठी, नोज पिन, चेन या दूसरी ज्वेलरी पर 75 रुपए का बेस शुल्क प्रति ग्राम के हिसाब से अधिक पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में हल्के आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह अतिरिक्त लागत खास तौर पर महत्वपूर्ण होगी।

GST जुड़ने के बाद कितना होगा खर्च?
बीआईएस की उपभोक्ता जागरूकता सामग्री में हॉलमार्किंग शुल्क पर 18% GST का उल्लेख है। मौजूदा 75 रुपए की फीस पर 18% GST यानी 13.50 रुपए जुड़ेंगे। इस तरह ग्राहक के लिए हॉलमार्किंग से जुड़ी कुल रकम 88.50 रुपए प्रति आभूषण हो जाती है।

हालांकि, हॉलमार्किंग शुल्क और आभूषण की कुल कीमत को अलग-अलग समझना जरूरी है। हॉलमार्किंग चार्ज आभूषण की कीमत का हिस्सा नहीं, बल्कि उस पर लगने वाला अलग शुल्क है।


  • ज्वेलर्स बोले- बढ़ता खर्च आखिरकार ग्राहक तक पहुंचता है
    कूचा महाजनी, चांदनी चौक स्थित ऑल बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल का कहना है कि हॉलमार्किंग या दूसरे शुल्क और टैक्स का भार आखिरकार किसी न किसी रूप में ग्राहक तक पहुंचता है। उनके मुताबिक, एक तरफ पहले से कई तरह के टैक्स और शुल्क हैं और दूसरी ओर हॉलमार्किंग की लागत भी बढ़ाई गई है।

    उनका कहना है कि कारोबार में बढ़ने वाला कोई भी खर्च अंततः उत्पाद की लागत को प्रभावित करता है और उसका असर ग्राहक की जेब पर पड़ सकता है।

    2021 में 256 जिलों से शुरू हुई थी अनिवार्य हॉलमार्किंग
    देश में सोने के आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था जून 2021 में 256 जिलों से शुरू हुई थी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से दूसरे जिलों तक विस्तार दिया गया।

    मार्च 2026 में छठे चरण के तहत सात और जिले हॉलमार्किंग के दायरे में शामिल किए गए। इसके बाद अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था वाले जिलों की संख्या 380 हो गई।

    यानी पिछले कुछ वर्षों में हॉलमार्किंग व्यवस्था का दायरा लगातार बढ़ा है। अब प्रति आर्टिकल शुल्क में हुई बढ़ोतरी के साथ सोने के आभूषण खरीदने वालों के लिए इस लागत का असर भी बढ़ गया है।

    Share:

  • उत्तर कोरिया ने तीन घंटे में दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें, जापान और दक्षिण कोरिया में बढ़ी चिंता

    Mon Sep 21 , 2026
    सियोल। उत्तर कोरिया (North Korea) ने रविवार को पूर्वी तट से कुछ घंटों के अंतराल में दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic missiles) दागीं। पहला प्रक्षेपण वोनसान इलाके (North Korea) से दोपहर करीब 3 बजे किया गया, जिसने लगभग 450 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके करीब तीन घंटे बाद दूसरी मिसाइल दागी गई, […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved