नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी लोकसभा सांसदों को अयोग्यता याचिकाओं पर जवाब देने के लिए लोकसभा सचिवालय (Lok Sabha Secretariat) ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। अब इन सांसदों को 8 अक्टूबर तक अपना जवाब दाखिल करना होगा। इससे पहले बागी सांसदों ने 22 अक्टूबर तक यानी 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था।
इन सांसदों ने TMC से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ जुड़ने का दावा किया है। उनका कहना है कि उन्हें जवाब तैयार करने के लिए संबंधित दस्तावेज जुटाने के लिए और समय चाहिए। इससे पहले लोकसभा सचिवालय ने अगस्त में इन सांसदों को अयोग्यता याचिकाओं पर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया था।
अभिषेक बनर्जी ने दाखिल की थीं 20 याचिकाएं
TMC के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी ने जून में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष 20 अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर इन सांसदों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। इन याचिकाओं में संविधान की दसवीं अनुसूची और सदस्यों की अयोग्यता से जुड़े नियमों का हवाला दिया गया था।
अभिषेक बनर्जी का तर्क है कि सांसदों ने TMC से अलग होकर दूसरी राजनीतिक संस्था के साथ जुड़ने का दावा किया है, इसलिए उनके खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी ओर, बागी सांसदों ने NCPI के साथ विलय का दावा करते हुए लोकसभा में अलग समूह के रूप में मान्यता की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
बागी सांसदों की अयोग्यता पर फैसला लेने में देरी का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर के समक्ष लंबित याचिकाओं पर जल्द फैसला कराने की मांग को लेकर अदालत का रुख किया था। सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही की प्रगति की जानकारी मांगी थी और मामले के निपटारे में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे।
अब लोकसभा सचिवालय की ओर से 20 सांसदों को 8 अक्टूबर तक जवाब देने की समयसीमा दी गई है। इसके बाद अयोग्यता याचिकाओं पर आगे की प्रक्रिया और स्पीकर के समक्ष सांसदों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे।
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