
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने शुक्रवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने ‘गुंडा रोधी विधेयक’ को पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार को वापस भेज दिया है। शुभेंदु ने कहा कि प्रस्तावित कानून फिलहाल गृह मंत्रालय के विचाराधीन है। मीडिया के एक वर्ग में खबर आई थी कि राष्ट्रपति ने विधेयक के एक प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए इसे लौटा दिया है, जो केंद्र के एक मादक पदार्थ रोधी कानून के साथ ओवरलैप कर सकता है।
शुभेंदु ने देर शाम राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह फर्जी खबर है। इसका कोई आधार नहीं है। यह विधेयक अभी राष्ट्रपति तक नहीं पहुंचा है और विचार-विमर्श के लिए गृह मंत्रालय के पास ही है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक पूर्ण रूप से स्पष्ट है और उन्होंने इसके राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई।
जून में पारित हुए इस विधेयक का उद्देश्य संगठित अपराध, बार-बार अपराध करने वालों और सार्वजनिक अव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार को व्यापक अधिकार प्रदान करना है। इस कानून के माध्यम से निवारक हिरासत और संपत्ति जब्ती जैसे उपायों के जरिए सिंडिकेट, जबरन वसूली रैकेट, भूमि कब्जा, अवैध खनन और राजनीतिक हिंसा पर लगाम लगाने का प्रयास किया गया है।
इससे पहले खबरें आई थीं कि राष्ट्रपति ने एंटी-गुंडा विधेयक राष्ट्रपति द्वारा बिना मंजूरी के वापस लौटा दिया है। ऐसी भी खबरें आई थीं कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बयान दिया है कि अब इसके कानूनी प्रावधानों की जांच करेगी और नए मसौदे पर काम करेगी। इसमें कहा गया था कि एंटी-गुंडा कानून चार अन्य राज्यों में अस्तित्व में है। हम कानूनी तरीकों से काम करेंगे। कोई कठिनाई नहीं होगी।
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