
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में संगठनात्मक बदलाव का दौर जारी है। पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को तीन सेक्टर में बांटकर वरिष्ठ नेताओं को राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी क्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम (Rajaram) को नौ राज्यों का प्रभार दिया गया है। रामजी गौतम को भी कई राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मायावती ने इससे पहले राष्ट्रीय संगठन में कई बदलाव किए थे। 3 सितंबर को आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर के पद से हटाया गया था। इसके बाद ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी दी गई और 23 सितंबर को उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया।
देश को तीन सेक्टर में बांटा
मायावती ने संगठन की दृष्टि से देश को तीन हिस्सों में बांटा है। सेक्टर एक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है। इसकी निगरानी और समीक्षा मायावती खुद कर रही हैं। बाकी राज्यों को दो अन्य सेक्टर में बांटा गया है।
पहले चरण में रामजी गौतम और सुरेश राव को 10 राज्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब-चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड शामिल हैं।
दूसरे सेक्टर में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल को रखा गया है। इस सेक्टर की जिम्मेदारी राजाराम और अतर सिंह राव को दी गई है।
राजाराम को नौ राज्यों का प्रभार
संगठन में ताजा फेरबदल के तहत पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम को नौ राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजाराम पहले भी बसपा में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल के दिनों में उन्हें मध्य प्रदेश के साथ केरल, गुजरात और कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।
बसपा की ओर से संगठन को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर रही है।
आकाश के बाद ईशान को राष्ट्रीय जिम्मेदारी
बसपा में मौजूदा संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत आकाश आनंद की भूमिका में परिवर्तन के साथ हुई। 3 सितंबर की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में उन्हें राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया गया था। इसके बाद छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में आगे लाया गया।
7 सितंबर को ईशान को मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि बाद में उन्हें भी यह पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद 23 सितंबर को लखनऊ में हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने का ऐलान किया।
यूपी-उत्तराखंड की कमान मायावती के पास
मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को बाकी राज्यों से अलग रखते हुए इन दोनों राज्यों की संगठनात्मक निगरानी अपने पास रखी है। वहीं अन्य राज्यों के लिए अलग-अलग सेक्टर बनाकर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
इस बदलाव के साथ बसपा के राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारियों का नया ढांचा तैयार हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को राज्यों का प्रभार देकर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
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