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CM मोहन यादव ने अपने ही घर पर चलाई गैंती? बोले- जिस घर में बचपन बीता उसे तोड़ना आसान नहीं

September 27, 2026

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) रविवार को अपने पैतृक घर (Ancestral Home) पहुंचे। उन्होंने घर के बाहर पूजा-अर्चना की और इसके बाद खुद गैंती (Pickaxe) चलाकर मकान (House) का हिस्सा तोड़ा। अपने जन्मस्थान और बचपन की यादों से जुड़े घर को विकास कार्य के लिए समर्पित करते समय मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस घर में जन्म लिया, छोटे से बड़े हुए और खेले-कूदे, उसे तोड़ना पड़े तो मन पर असर होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर सिंहस्थ के लिए यह जरूरी है तो विकास के लिए यह बलिदान देना चाहिए। हम सब मिलकर यह काम कर रहे हैं। पूरा देश देख रहा है कि लोग दूसरों की सुविधा के लिए अपने मकान पीछे हटा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब वे पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आए और जॉइंट सेक्रेटरी तथा फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा, तब से उनके सामने हमेशा यह बात रही कि आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दृष्टि से उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक विषयों को प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।


  • डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने अपने मकान खुद पीछे हटाए हैं। उज्जैन की आबादी करीब 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ के दौरान करीब 40 करोड़ लोगों के आने का बोझ रहता है। सभी ने इसमें योगदान दिया है। उन्होंने अपनी सरकार को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि बिना भेदभाव के हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई और पारसी समुदाय के लोगों ने अपने देवस्थान तक पीछे किए हैं। इससे सरकार के प्रति विश्वास बनता है। यही उज्जैन का आदर्श है।

    सिंहस्थ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी प्रस्तावित परियोजना की सीमा में आ रहा है। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में उनके परिवार की संपत्ति भी उसी प्रशासनिक प्रक्रिया के दायरे में है, जो अन्य प्रभावित भवनों पर लागू है। दशकों पुरानी पारिवारिक यादों से जुड़े घर के बावजूद मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ के लिए जरूरी शहरी बदलाव को सार्वजनिक हित के रूप में देखा। पैतृक मकान का प्रभावित होना उस बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसके तहत सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन की सड़क, यातायात और शहरी अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

    उज्जैन की खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मार्ग चौड़ीकरण और विकास कार्य के लिए राज्य शासन की ओर से करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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