
नई दिल्ली ।बच्चों से लेकर वयस्कों तक पैकेट में मिलने वाले खाद्य पदार्थों (Food Products) का सेवन बढ़ता जा रहा है। चिप्स (Chips), इंस्टेंट नूडल्स (Instant Noodles), पैकेज्ड स्नैक्स (Packaged Snacks) और कुछ रेडी-टू-ईट चीजें रोजमर्रा की डाइट (Diet) का हिस्सा बन गई हैं। इन्हें तैयार करना और खाना आसान होता है तथा स्वाद भी अच्छा लगता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ (Health experts)लगातार ऐसी डाइट को लेकर चिंता जताते हैं, क्योंकि इन खाद्य पदार्थों का नियमित और अधिक सेवन सेहत के लिए कई तरह की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ऐसे औद्योगिक रूप से तैयार खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनमें कई तरह के एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। अध्ययनों में इनके अधिक सेवन को मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग सहित कई क्रॉनिक बीमारियों के बढ़ते खतरे से जोड़ा गया है। कुछ अध्ययनों में इनके सेवन और कैंसर के खतरे के बीच भी संबंध पाया गया है। इन खाद्य पदार्थों में अक्सर कैलोरी, नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर या संतृप्त वसा की मात्रा अधिक हो सकती है, जबकि फाइबर और पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं।
पैकेट बंद खाद्य पदार्थों में कैलोरी अधिक और फाइबर कम होने के कारण कम समय में शरीर तक ज्यादा कैलोरी पहुंच सकती है। नियमित रूप से इनका अधिक सेवन वजन बढ़ने और मोटापे के खतरे को बढ़ा सकता है। कम उम्र से ही ऐसी चीजों को खाने की आदत बनने पर समय से पहले मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसी तरह, इनमें मौजूद ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का बार-बार सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। लंबे समय तक ऐसी डाइट से इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ने की बात अध्ययनों में सामने आई है।
इन खाद्य पदार्थों में अधिक नमक, संतृप्त वसा और कैलोरी होने के कारण इनका ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर, वजन और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े जोखिमों को बढ़ा सकता है। फाइबर की कम मात्रा भी चिंता का विषय है, क्योंकि शरीर और आंतों के लिए फाइबर जरूरी होता है। लंबे समय तक फाइबर वाली चीजों का कम सेवन करने से पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसी कारण अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को डाइट में सीमित रखने पर जोर दिया जाता है।
खाने की चीजें खरीदते समय पैकेट पर दिए गए लेबल को ध्यान से देखना जरूरी बताया गया है। इसमें नमक, चीनी, संतृप्त वसा और फाइबर की मात्रा की जानकारी देखी जा सकती है। स्वस्थ डाइट के लिए फल-सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और नट्स जैसी चीजों की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी जाती है। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कम करना और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प माना गया है।
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