
- सूची में दर्ज है मतदाता संख्या, 14.95 लाख मतदाता
उज्जैन। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए मतदाताओं को फिर खोजा जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ऐसे मतदाताओं को सूची में वापस जोडऩे के लिए अभियान चलेगा।
जिले के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) इन मतदाताओं तक पहुंचेंगे और उनका सत्यापन करेंगे। सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। यानी एसआईआर में नाम कटने के बाद अब उन्हें सूची में वापस लाने की कवायद शुरू होगी। दरअसल वर्ष 2025 अक्टूबर माह से एसआईआर की प्रक्रिया के बाद 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में मतदाता संख्या 14.95 लाख रह गई थी। एसआईआर के कारण 48,002 नाम सूची से बाहर हो गए थे। अब नए अभियान में एसआईआर के दौरान हटाए गए मतदाताओं को केंद्र में रखा जाएगा। बूथों पर बीएलओ इन मतदाताओं की जानकारी के आधार पर उनसे संपर्क करेंगे। पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम जोडऩे के बाद दावे-आपत्तियां भी बुलाई जाएंगी। आपत्तियों का निराकरण करने के बाद नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। विभिन्न कारणों से विलोपित किए गए मतदाताओं का नाम जोडऩे का एक और अवसर दिया जा रहा है। परिवर्तन वाले मतदान केंद्र, पुरानी और वर्तमान सूचियों के मिलान से तैयार सूची के आधार पर इनकी जांच की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्म-6 के साथ लगाई जाने वाली घोषणा में 2003 की जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा। गैर-एसआईआर अवधि में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1960 के तहत निर्धारित प्रपत्रों का ही उपयोग होगा।