बालाघाट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (Dr. Mohan Bhagwat) मंगलवार को बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के कारंजा पहुंचे। सरसंघचालक बनने के बाद कारंजा में यह उनका पहला दौरा रहा। इस दौरान उन्होंने संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहेब देवरस (Balasaheb Deoras) और वरिष्ठ प्रचारक भाऊराव देवरस की स्मृति में निर्मित बालासाहेब-भाऊराव देवरस स्मृति भवन और बालासाहेब देवरस नेत्रालय का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में डॉ. भागवत ने समाज सेवा और देश के प्रति निस्वार्थ समर्पण को भारतीय संस्कृति का हिस्सा बताया। इसी दौरान उन्होंने विमान हादसे का उल्लेख करते हुए यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट स्मिथ मच्छार की भी प्रशंसा की।
कारंजा में आयोजित कार्यक्रम को बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस के सेवा कार्यों तथा उनके विचारों को याद करने के अवसर के रूप में देखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि समाज सेवा और दूसरों के दुख को दूर करने की भावना भारतीय संस्कृति में रची-बसी है।
इसी संदर्भ में उन्होंने विमान हादसे का जिक्र किया। भागवत ने कहा कि चाकू से घायल होने के बावजूद पायलट स्मिथ मच्छार ने अपने प्राणों की परवाह नहीं की और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि दूसरों के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने वाले ऐसे लोग देश की मिट्टी की देन हैं।
कार्यक्रम में बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस के सामाजिक योगदान और सेवा कार्यों को भी याद किया गया। भागवत ने समाज के प्रति जिम्मेदारी और जरूरतमंदों की मदद के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के बाद लांजी विधायक राजकुमार कर्राहे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मोहन भागवत का लंबे समय से कारंजा आने का मन था। उनके आगमन से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि भागवत के संबोधन से देश और समाज के हित में काम करने की प्रेरणा मिली।
विधायक ने बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस के जीवन, उनके सेवा कार्यों और विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों के विचारों और सेवा भावना को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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