
नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi), कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी कार्यालय (All India Radio Office) में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों पर आकाशवाणी कार्यालय में जबरन प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से आकाशवाणी भवन परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना था कि जब तक उनके सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मिलने का समय नहीं दिया जाता, वे वहां से नहीं हटेंगे।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। हालांकि, एफआईआर में किन-किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मामले से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार है।
दरअसल, इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन आयोग के कार्यालय ‘निर्वाचन सदन’ तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी गई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां भी विरोध-प्रदर्शन जारी रखा।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाया गया और हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए गए नेताओं को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया था। साथ ही विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। अब दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन में कथित अनधिकृत प्रवेश और वहां प्रदर्शन करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, एफआईआर में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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