
उज्जैन। शारदीय और उल्लास-उमंग का नवरात्रि पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। इस बार 58 साल बाद नवरात्रि की शुरुआत पवित्र गजकेसरी योग में हो रही है। शहर के माता मंदिर नवरात्रि के लिए से संवर रहे हैं। शहर के गढ़कालिका माता मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, हामूखेड़ी स्थित बिजासन माता मंदिर, भूखी माता मंदिर, चामुंडा माता मंदिर, सावन भादवा माता मंदिर, नगर कोट माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में रंग-रोगन कर विद्युत सज्जा की जा रही है।
मां का आगमन हाथी पर और प्रस्थान घोड़े पर
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। धार्मिक मान्यता में हाथी को सुख, समृद्धि, शांति का प्रतीक माना जाता है, वहीं माता का प्रस्थान घोड़े पर होगा। घोड़े पर गमन को धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताओं में सतर्कता, उथल-पुथल और सामाजिक अस्थिरता से जोड़ा जाता है।
सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग भी रहेंगे
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में कई अन्य शुभ योगों का भी प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार नवरात्रि के दौरान करीब चार से पांच दिन सर्वार्थसिद्धि योग बन सकता है। इसके अलावा करीब दो दिन अमृतसिद्धि योग का संयोग भी रहेगा। ज्योतिष में सर्वार्थसिद्धि योग को नए और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है।
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