
नई दिल्ली ।ज्योतिषीय गणना (Astrological Calculation) के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा (Moon) और शनि (Saturn) की स्थिति से विष योग (Vish Yog) बनने जा रहा है। इस दिन चंद्रमा सुबह कन्या राशि (Virgo) में प्रवेश करेंगे, जबकि शनि पहले से मीन राशि में मौजूद रहेंगे। कन्या और मीन राशि एक-दूसरे से सातवें स्थान पर हैं। इस स्थिति में चंद्रमा और शनि के बीच समसप्तक योग बनेगा और दोनों ग्रह एक-दूसरे पर सप्तम दृष्टि डालेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस ग्रह स्थिति को विष योग कहा जाता है। मान्यता के अनुसार, इसका प्रभाव कुछ राशियों के आर्थिक मामलों, मानसिक स्थिति, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और कार्यक्षेत्र पर पड़ सकता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा और शनि की युति या दोनों ग्रहों का एक-दूसरे से सातवें भाव में स्थित होना विष योग बनने का आधार माना जाता है। इस योग को ध्यान में रखते हुए मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन राशियों के लिए आर्थिक लेन-देन, पारिवारिक संबंधों और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर ध्यान देना जरूरी बताया गया है। हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और इनके आधार पर किसी घटना या परेशानी की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
मेष राशि के जातकों के लिए इस अवधि में मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की आशंका जताई गई है। ज्योतिषीय सलाह के मुताबिक, उन्हें बेवजह के विवादों से दूर रहना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य से काम लेना चाहिए। आर्थिक लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचने और अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह भी दी गई है, क्योंकि छोटी-सी बात गलतफहमी या विवाद का कारण बन सकती है। मानसिक शांति के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने का सुझाव दिया गया है।
तुला राशि के जातकों के लिए विष योग के दौरान खर्च बढ़ने की आशंका जताई गई है। ऐसे में आमदनी और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्थिक योजना बनाकर चलने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्रमा बारहवें भाव और शनि छठे भाव में रहेंगे। इस स्थिति में विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई है। किसी व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद की संभावना भी जताई गई है। इस दौरान भगवान शिव की आराधना करने का सुझाव दिया गया है।
कुंभ राशि के जातकों को इस अवधि में पारिवारिक संबंधों और आर्थिक फैसलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। घर में किसी मुद्दे पर तनाव पैदा होने की आशंका जताई गई है। व्यापार करने वालों को पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए। बड़े आर्थिक फैसले लेते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मौजूदगी में निर्णय लेने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं करने की सलाह दी गई है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को अक्टूबर के मध्य तक इंतजार करने का विकल्प सुझाया गया है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, विष योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया जा सकता है।
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