नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले संगठन के सह-संयोजक सौरव दास (Sourav Das) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस की ओर से जारी दस्तावेजों में उनका फोन नंबर सार्वजनिक हो गया। इसके बाद उन्हें लगातार फोन कॉल और व्हाट्सऐप संदेश मिल रहे हैं। दास के मुताबिक, महज एक घंटे में उनके पास 300 से अधिक कॉल आए। हालांकि, फोन नंबर लीक होने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
‘एक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल और मैसेज’
सौरव दास ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि फोन नंबर सार्वजनिक होने के बाद उन्हें लगातार कॉल और व्हाट्सऐप संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनके खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है।
दास के अनुसार, उनका नंबर दिल्ली पुलिस की ओर से प्रसारित किए गए दस्तावेजों में दिखाई दिया। इनमें पिछले प्रदर्शन से संबंधित अंडरटेकिंग फॉर्म और प्रदर्शन की अनुमति खारिज करने वाला पुलिस का हालिया पत्र शामिल होने का दावा किया गया है।
उन्होंने उन मीडिया संस्थानों की भी आलोचना की, जिन्होंने कथित तौर पर फोन नंबर हटाए बिना दस्तावेज सोशल मीडिया पर साझा किए। दास ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि इन दस्तावेजों को इस तरह प्रसारित किया गया, मानो उनके हाथ पेंटागन पेपर्स लग गए हों।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके साथ ही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी संगठन ने सवाल उठाए हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की सूचना निर्धारित समय से काफी कम समय पहले दी गई थी। इसके अलावा, पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों और निर्देशों के कथित उल्लंघन तथा कानून-व्यवस्था और यातायात से जुड़ी चिंताओं का भी हवाला दिया गया है।
दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम, 25 हजार कर्मियों की तैनाती
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शहर में करीब 25 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों, बस टर्मिनलों, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच बढ़ाई गई है।
पुलिस की तैयारी का उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका के बीच जंतर-मंतर पर बिना अनुमति धरना रोकना और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। पुलिस ने अपने फैसले के समर्थन में संगठन के पिछले प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और आश्वासनों का कथित रूप से पालन नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रखने का निर्णय लिया गया है। बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस फैसले को मंजूरी दी है। दिल्ली के अन्य हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं सामान्य रहने की बात कही गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में भी विभाजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान संभावित भीड़ को नियंत्रित करना और विभिन्न इलाकों में सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी करना बताया गया है।
अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन पर अड़े CJP नेता
दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद CJP नेताओं ने प्रदर्शन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ऐसे में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और प्रशासन की तैयारियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
वहीं, सौरव दास के फोन नंबर के कथित तौर पर सार्वजनिक होने के आरोप ने दस्तावेजों के प्रसार और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में फोन नंबर कैसे सार्वजनिक हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी तय होने संबंधी जानकारी सामने नहीं आई है।
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