
जयपुर । वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत (Senior Congress leader Ashok Gehlot) ने कहा कि सरकार खुद हेश में अराजकता फैला रही है (Government itself is spreading anarchy in the Country) ।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा रविवार को दिल्ली में मेट्रो और रेलवे सेवाओं के सामान्य संचालन, इंटरनेट कनेक्टिविटी की बहाली को लेकर दिए गए निर्देश पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में हालात बहुत गंभीर हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, “देश के अंदर हालात बड़े गंभीर होते जा रहे हैं। आज रविवार को सुप्रीम कोर्ट खुल रहा है तो आप अंदाजा लगा लीजिए। इतिहास में पहली बार इस प्रकार के काम के लिए सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई करनी पड़ रही है कि मेट्रो बंद क्यों किए जा रहे हैं। ऐसा भी हो सकता है कि जो वकीलों को गिरफ्तार किया था, उस पर भी सुनवाई हो सकती है।
सरकार जिस तरह से खुद अराजकता फैला रही है, समझ नहीं आ रहा है कि ये चाहते क्या हैं? ऐसी स्थिति हो गई है जैसे कोई क्रैकडाउन (सख्त कार्रवाई) हो। सरकार ने खुद पूरी दिल्ली में आतंक मचा रखा है।” दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और देशभर से आ रहे लोगों को पाबंदियों और बदसलूकी का सामना करना पड़ रहा है। ये सभी इसी देश के नागरिक हैं, बाहरी नहीं। जिस तरह से नेताओं को हिरासत में लिया गया है, कुछ को छोड़ दिया गया जबकि कुछ अभी भी हिरासत में हैं, यह बहुत चिंता की बात है। सरकार को विपक्ष से बातचीत करनी चाहिए और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर जताई जा रही चिंताओं का समाधान करना चाहिए।”
अशोक गहलोत ने कहा कि कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकील कह रहे हैं कि वकीलों की सुनवाई नहीं हो रही है। देश में पहली बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ अनुचित व्यवहार हो रहा है। विपक्ष को जो सम्मान मिलना चाहिए, वो नहीं मिल रहा। देश में लोकतंत्र की भूमिका का सही निर्वहन नहीं हो रहा है।
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