img-fluid

महाकाल लोक के बाद अब गढ़कालिका लोक की तैयारी, 18.50 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार, नवरात्रि के बाद शुरू हो सकता है निर्माण

October 12, 2026
उज्जैन । मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के धार्मिक शहर उज्जैन(The religious city of Ujjain) में मां गढ़कालिका के भक्तों को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य मंदिर परिसर की सौगात मिल सकती है। महाकाल लोक की तर्ज पर अब गढ़कालिका माता मंदिर (Garhkalika Mata Temple)को गढ़कालिका लोक के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 18.50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस लोक के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। तकनीकी बिड खुलने और निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद परियोजना का काम शुरू होने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य मंदिर परिसर को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान बेहतर अनुभव मिल सके।
गढ़कालिका माता मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। वर्तमान में मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार मुख्य सड़क पर स्थित है और यह अपेक्षाकृत संकरा है। भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं के आवागमन में परेशानी होने की आशंका रहती है। गढ़कालिका लोक परियोजना के तहत प्रवेश व्यवस्था को नए सिरे से विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
परियोजना की खास बात यह है कि आम श्रद्धालुओं और वीआईपी आगंतुकों के लिए प्रवेश की अलग-अलग व्यवस्था प्रस्तावित है। मौजूदा मुख्य द्वार को वीआईपी प्रवेश के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है। इसके सामने वीआईपी पार्किंग भी विकसित की जाएगी। वहीं आम श्रद्धालुओं के लिए पश्चिम दिशा में ओखलेश्वर रोड की तरफ से करीब नौ मीटर दूर नया प्रवेश मार्ग प्रस्तावित है। यहां जिगजैग कतार व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। इस व्यवस्था से एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर भी प्रवेश द्वार के आसपास भीड़ का दबाव कम करने में सहायता मिल सकती है।
गढ़कालिका लोक के विकास के साथ आसपास की सड़कों को बेहतर बनाने की योजना भी महत्वपूर्ण है। मंदिर के सामने वाली सड़क और ओखलेश्वर श्मशान से होते हुए कालभैरव की दिशा में जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण कर उन्हें फोरलेन बनाने का काम किया जा रहा है। सड़कें चौड़ी होने से मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से त्योहारों और विशेष धार्मिक अवसरों पर बढ़ने वाले यातायात के दबाव को संभालना भी आसान हो सकता है। हालांकि परियोजना की वास्तविक समयसीमा और सुविधाओं का अंतिम स्वरूप निर्माण एजेंसी के चयन तथा आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
गढ़कालिका मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताओं के कारण भी विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इसी मंदिर में मां कालिका की आराधना कर दिव्य ज्ञान प्राप्त किया था। उज्जैन में आयोजित होने वाले कालिदास समारोह की शुरुआत भी परंपरागत रूप से इस मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ होती है। मंदिर का जीर्णोद्धार छठी शताब्दी में राजा हर्षवर्धन द्वारा कराए जाने की मान्यता है जबकि इसका वर्तमान स्वरूप ग्वालियर के महाराजा से जुड़ा बताया जाता है। साधना और तांत्रिक परंपराओं में भी इस स्थान का विशेष महत्व माना जाता है।
महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। गढ़कालिका लोक परियोजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि योजना के अनुसार निर्माण पूरा होता है तो मंदिर परिसर में प्रवेश व्यवस्था पार्किंग और श्रद्धालुओं की कतारों का प्रबंधन पहले से बेहतर हो सकेगा। इससे न केवल भक्तों को सुविधा मिलने की उम्मीद है बल्कि उज्जैन के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण कार्य शुरू होने पर है।

Share:

  • केतु गोचर 2026: अगले 55 दिनों में मेष, सिंह समेत 5 राशियों को मिल सकते हैं धन लाभ और करियर में तरक्की के अवसर...

    Mon Oct 12 , 2026
    नई दिल्ली ।केतु गोचर 2026 (Ketu Transit 2026) को ज्योतिष (Astrology) की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार, केतु (Ketu) के नक्षत्र परिवर्तन (Nakshatra Transit) का प्रभाव कुछ राशियों के करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति पर देखने को मिल सकता है। अगले 55 दिनों के दौरान मेष (Aries), सिंह (Leo), वृश्चिक […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved