
आय से अधिक सम्पत्ति मामले में लोकायुक्त ने प्रधान आरक्षक पर की थी कार्रवाई, कई बैंक खाते भी मिले
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने कल पुलिस के वाहन चालक (Vehicle Driver) फिरोज खान (Feroz Khan) के 15 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा था और देर रात तक उसकी 30 करोड़ की संपत्ति का खुलासा किया है। बताते हैं कि वह छापे के दौरान अपनी महिला मित्र (female friend) के यहां रुका था और मॉर्निंग वॉक पर निकलने के बाद नहीं लौटा।
लोकायुक्त पुलिस ने पीटीसी इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान के यहां कल छापे की कार्रवाई की थी। एसपी लोकायुक्त ने बताया कि पुलिस को उसके मकान, प्लाट और कृषि भूमि के अलावा उसकी फर्मों की जानकारी मिली थी। पुलिस को उसके यहां से 21 बैंक खातों की जानकारी मिली थी। पुलिस ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर उसके खातों को ब्लॉक करवा दिया है। वहीं बंैकों से उसके स्टेटमेंट की जानकारी मांगी है। इसके अलावा आयकर, रजिस्ट्रार और पंचायतों को भी लिखकर प्रापर्टी की जानकारी मांगी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि छापे के समय फिरोज घर पर नहीं था। एक टीम को पता चला है कि वह छापे के समय अपनी महिला मित्र के घर पर था, जहां वह मॉर्निंग वॉक पर निकला था। इस दौरान उसको छापे की जानकारी मिली तो वापस नहीं लौटा। बताते हैं कि उसके परिवार के यहां लगातार जांच चल रही थी, लेकिन वह अब तक लोकायुक्त पुलिस के सामने नहीं आया है। जांच में यह भी पता चला है कि उसने अपनी महिला मित्र, मां और परिवार के कुछ सदस्यों के नाम से भी प्रापर्टी खरीदी है। ये लोग कुछ काम नहीं करते हैं। इसके चलते उनको भी नोटिस देकर पूछताछ की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह सभी प्रापर्टी प्रधान आरक्षक की ही है। बताते हैं कि जांच में यह भी पता चला है कि वह पीटीसी के पहले भी इंदौर की डीआरपी लाइन में ड्राइवर रहा है। उसके पहले भी विभाग में शिकायतें हुईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताते हैं कि विवादित जमीन के झगड़े के चलते उसकी शिकायत हुई और उसके यहां लोकायुक्त ने छापा मार दिया।
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