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बिहार: नाव में थे 20 छेद, बोरे से किया गया था बंद, हादसे की आंखों देखी

October 15, 2026

वैशाली: बिहार में वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई. ये हादसा मंगलवार की रात को हुआ. अब इस हादसे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार, हादसे वाली नाव में 20 से अधिक छेद थे. किनारे में लगभग एक फीट लंबी दरार थी, जिसमें कपड़ा और बोरा ठूसा गया था. नाव में महज पांच लोगों को बिठाने की क्षमता थी, लेकिन उस पर 20 से ज्यादा लोग सवार थे.

गांव वालों ने कहा कि प्रशासन ने इस नाव के परिचालन को नहीं रोका था. नाव पर सावर 70 साल के बुजुर्ग नाव चालक ने हादसे की आंखों देखी बताई है. बुजुर्ग का नाम बिंदेश्वर राय है. मीडिया रिपेोर्ट्स के अनुसार राय ने बताया कि नाव चलाने वाला युवक नौसिखिया था. उसको ये अंदाज नहीं था कि गंगा नदी कितनी गहरी है. नाव की क्षमता से कई गुना अधिक लोग उस पर सावर थे.


  • राय ने बताया कि कुछ दूर जाते ही नाव में पानी भरने लगा. फिर नाव डगमगाई और सभी पानी में डूब गए. बिंदेश्वर राय ने कहा कि उनकी अक्ल मारी गई थी, जो उन्होंने पतवार नौसिखिए को दे दी. अगर वो खुद नाव चलाते तो गहराई का अंदाजा लगा लेते. ज्यादा वजन देखकर बच्चों को रोक देते और सभी को दो बार में नदी पार करवाते. वहीं मृतक बच्चों के परिजनों ने बुधवार को पोस्टमार्टम से इनकर कर दिया.

    मृतकों के परिजनों ने प्रशासन के अधिकारियों के सामने विरोध किया. मृतकों के परिजनों को तिरहुत प्रमंडल के कमीश्नर गिरिवर दायल सिंह से चार-चार लाख रुपये के चेक दिए. जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह से निजी नाव के रात के परिचालन को गंभीरता से लिया है. उन्होंने राघोपुर के अंचलधिकारी और थानाध्यक्ष से सफाई मांगी है. अगले आदेश तक अंचलधिकारी और थानाध्यक्षको सैलरी नहीं दी जाएगी.

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