
डेस्क: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक और पार्टी का जन्म हो गया है. मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पार्टी जननीति बनाने का ऐलान किया है. इसके साथ ही यूपी में विधानसभा का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. इससे पहले दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया था कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक पारी शुरू करेंगी.
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं. उन्होंने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था, जिसे सितंबर 2026 में स्वीकार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश में उन्होंने मेरठ, गोंडा, संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं. मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए दूर-दराज के गांव लहुरिया दह तक पाइप से पानी पहुंचाने की पहल को लेकर भी वह चर्चा में रही थीं.
राजनीति में आने की घोषणा के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. उन्होंने पहले कहा था कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी और जनता के मुद्दों तथा उनकी समस्याओं को अपनी राजनीति का आधार बनाएंगी. अब जनता शक्ति पार्टी के गठन और मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ उनकी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट होती दिख रही है.
सूत्रों का कहना है कि दिव्या मित्तल अपनी पार्टी से मिर्जापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी.मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट पर दिव्या मित्तल की एंट्री से चुनाव दिलचस्प हो गया है. इस सीट से बीजेपी के रत्नाकर मिश्रा 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं. दोनों चुनाव में रत्नाकर मिश्रा ने सपा प्रत्याशी को भारी मतों से हराया है. वहीं, मिर्जापुर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल सांसद हैं.
दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा करते समय कहा था कि वह आम लोगों की आवाज बनना चाहती हैं और उनकी समस्याओं को सामने लाना चाहती हैं. उनके मुताबिक, प्रशासनिक व्यवस्था में कई बार समाधान की इच्छा और जवाबदेही की कमी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने राजनीति को व्यवस्था में बदलाव लाने का माध्यम बताया था.
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