
नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) (IPL) 2027 से पहले पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने अपने कोचिंग ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं। फ्रेंचाइजी ने टीम के तीन अनुभवी कोचों लसिथ मलिंगा (Lasith Malinga), पारस म्हाम्ब्रे (Paras Mhambrey) और कार्ल हॉपकिन्सन (Carl Hopkinson) से अलग होने का फैसला किया है। इन तीनों की विदाई के साथ ही टीम के पुराने कोचिंग सेटअप में एक और बड़ा बदलाव हो गया है। यह फैसला आगामी सीजन की तैयारियों और टीम को नए सिरे से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
मुंबई इंडियंस ने 29 अक्टूबर को तीनों कोचों के टीम के पुरुष कोचिंग स्टाफ से अलग होने की आधिकारिक घोषणा की। फ्रेंचाइजी ने उनके योगदान, समर्पण और टीम के साथ बनाए गए संबंधों के लिए आभार जताया। साथ ही उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। तीनों कोचों ने अलग-अलग जिम्मेदारियों के माध्यम से टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के विकास में योगदान दिया था।
लसिथ मलिंगा का जाना मुंबई इंडियंस के लिए सबसे अहम बदलावों में से एक है। श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज मलिंगा फ्रेंचाइजी के इतिहास के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने 2009 से 2019 के बीच मुंबई की ओर से खेलते हुए 122 मैचों में 170 विकेट हासिल किए थे। उनकी सटीक यॉर्कर और डेथ ओवरों में गेंदबाजी करने की क्षमता टीम की बड़ी ताकत रही।
मलिंगा ने मुंबई इंडियंस की चार आईपीएल खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वह 2011 में टीम की चैंपियंस लीग टी20 खिताबी सफलता का भी हिस्सा रहे। खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद भी उनका फ्रेंचाइजी से जुड़ाव बना रहा। उन्होंने मेंटर और कोच की जिम्मेदारी संभाली तथा बाद में तेज गेंदबाजी कोच के रूप में खिलाड़ियों के साथ काम किया। उनका अनुभव विशेष रूप से तेज गेंदबाजों को तैयार करने और मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी की रणनीति बनाने में उपयोगी रहा।
पारस म्हाम्ब्रे भी मुंबई इंडियंस के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। उनका पहला कार्यकाल 2010 से 2017 तक रहा था। इसके बाद उन्होंने 2024 में दोबारा फ्रेंचाइजी के साथ काम शुरू किया। भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाजी कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके म्हाम्ब्रे ने मुंबई के गेंदबाजी विभाग को मजबूत बनाने और युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में भूमिका निभाई। टीम की कार्यशैली और खिलाड़ियों की जरूरतों को समझने का उनका अनुभव फ्रेंचाइजी के लिए महत्वपूर्ण रहा।
वहीं, कार्ल हॉपकिन्सन का मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ाव 2025 के सीजन से शुरू हुआ था। इंग्लैंड की पुरुष क्रिकेट टीम के साथ काम करने का अनुभव रखने वाले हॉपकिन्सन ने मुंबई के फील्डिंग विभाग की जिम्मेदारी संभाली। उनका मुख्य ध्यान खिलाड़ियों की क्षेत्ररक्षण क्षमता, फिटनेस और मैदान पर प्रदर्शन के स्तर को बेहतर बनाने पर रहा।
इन तीनों कोचों की विदाई से पहले मुंबई इंडियंस ने मुख्य कोच महेला जयवर्धने से भी अपना रास्ता अलग कर लिया था। उनकी जगह वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पोलार्ड इससे पहले टीम के बल्लेबाजी कोच के रूप में काम कर रहे थे। अब वह आईपीएल 2027 में टीम के कोचिंग नेतृत्व की कमान संभालेंगे।
मुंबई इंडियंस के लिए 2026 का आईपीएल सीजन भी अच्छा नहीं रहा था। टीम 10 टीमों की अंकतालिका में नौवें स्थान पर रही और 14 लीग मुकाबलों में केवल चार जीत दर्ज कर सकी। इसके चलते टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रही। पिछले छह सीजन में यह चौथी बार था, जब मुंबई इंडियंस प्लेऑफ तक नहीं पहुंच पाई।
लगातार हो रहे इन बदलावों से स्पष्ट है कि फ्रेंचाइजी आगामी सीजन के लिए अपने कोचिंग विभाग को नए स्वरूप में तैयार कर रही है। हालांकि, तीनों कोचों के स्थान पर किन नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जाएगी, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आईपीएल 2027 से पहले मुंबई इंडियंस की नई कोचिंग टीम और खिलाड़ियों के साथ उसकी रणनीति पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved