
मुंबई: शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत की नई किताब बोध कीर्तन का विमोचन कल ठाकरे बंधुओं की मौजूदगी में होने जा रहा है. इस किताब में राउत ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों, अलग-अलग लोगों से हुई मुलाकातों और उनके पढ़े हुए लेखों से जुड़े विचारों को शामिल किया है. किताब के कुछ अंश सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है.
किताब में संजय राउत ने कारोबारी विजय माल्या को लेकर अपनी राय रखी है. राउत के मुताबिक, वह माल्या को व्यक्तिगत रूप से जानते थे. संसद और सेंट्रल हॉल में दोनों अक्सर आसपास बैठते थे. उन्होंने माल्या को मिलनसार, हंसमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताया है.
राउत का मानना है कि माल्या की आलीशान जीवनशैली को लेकर लोगों ने गलत धारणा बना ली थी. उनके मुताबिक, यह जीवनशैली उनके कारोबारी तौर-तरीकों का हिस्सा हो सकती थी. राउत ने माल्या को देशप्रेमी, उदार और साफ दिल इंसान बताते हुए लिखा है कि उनकी मंशा किसी को धोखा देने की नहीं थी.
राउत ने माल्या को भगोड़ा कहे जाने पर भी असहमति जताई है. उनका कहना है कि जब माल्या का कारोबार मुश्किल में आया और बैंकों का कर्ज बकाया रह गया, तब बैंकों को उनकी मदद करनी चाहिए थी. राउत ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि पिछले दस वर्षों में कई उद्योगपतियों को कर्ज के मामले में राहत दी गई, जबकि माल्या को भी कुछ राहत मिल सकती थी. उनके मुताबिक, परिस्थितियों ने माल्या को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया. इसी आधार पर राउत ने उन्हें फ्रॉड मानने से इनकार किया है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved