
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना अपनी पायलट ट्रेनिंग क्षमता को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए वायुसेना ने नए Stage-III एडवांस्ड जेट ट्रेनर विमान की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में RFI यानी रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन जारी किया है. खास बात यह है कि नए विमान Hawk 132 की जगह नहीं लेंगे, बल्कि मौजूदा बेड़े के साथ अतिरिक्त क्षमता के तौर पर शामिल किए जाएंगे.
जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनियों को नवंबर 2026 में अपनी बोलियां जमा करनी हैं. कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद 60 महीने के भीतर विमानों की डिलीवरी करनी होगी. वहीं, इस खरीद के लिए RFP यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल दिसंबर 2027 में जारी किए जाने की संभावना है. इस दौड़ में भारत की सरकारी कंपनी HAL भी शामिल होगी. HAL अपने नए HLFT-42 एडवांस्ड जेट ट्रेनर विमान के साथ दावा पेश कर सकती है. करीब 16.5 टन वजन वाला यह विमान तेजस फाइटर जेट की तकनीकी डिजाइन से प्रेरित है। HAL की योजना Aero India 2027 में इसका स्केल मॉडल पेश करने की है.
वहीं विदेशी कंपनियां भी इस मुकाबले में उतर सकती हैं. इटली की लियोनार्डो कंपनी अपना M-346 ट्रेनर विमान पेश कर सकती है. यह विमान इटली, सिंगापुर, इजरायल, पोलैंड, कतर और ग्रीस जैसे देशों की वायुसेनाओं में पहले से इस्तेमाल हो रहा है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया की कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज T-50, अमेरिका की बोइंग T-7A और रूस की तरफ से Yak-130 विमान की पेशकश किए जाने की संभावना है.
दरअसल, भारतीय वायुसेना भविष्य के लड़ाकू विमानों के लिए पायलटों को तैयार करना चाहती है. तेजस Mk-2 और पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर विमान AMCA के लिए दो सीटों वाले ट्रेनिंग वेरिएंट की योजना नहीं है. ऐसे में पायलटों को इन आधुनिक लड़ाकू विमानों पर तैनाती से पहले उन्नत स्तर की ट्रेनिंग देने के लिए नए Stage-III जेट ट्रेनर की जरूरत महसूस की जा रही है. नया ट्रेनर विमान आने से भारतीय वायुसेना को आधुनिक लड़ाकू विमानों की तकनीक और उड़ान से जुड़ी चुनौतियों के लिए पायलटों को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी. जिससे देश की सैन्य क्षमता में और भी इजाफा होगा.
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