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सांची की नई ब्रांड पहचान और पैकेजिंग लॉन्च

September 07, 2026

  • गोंड कला से जुड़ी डिजाइन-रोजाना दूध संकलन 2.01 लाख किलो तक पहुँचा

उज्जैन। सहकारी डेयरी ब्रांड सांची ने 45 साल की विरासत को नए अंदाज में पेश किया है। एक निजी होटल में आयोजित समारोह में सांची की नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन की गई पैकेजिंग लॉन्च की गई।
नई पैकेजिंग में आधुनिक रंगों और आकर्षक डिजाइन के साथ मध्यप्रदेश की ग्रामीण एवं सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली गोंड कला के तत्व शामिल किए गए हैं। मकसद साफ है- पुराने भरोसे को कायम रखते हुए नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं के बीच सांची को नए रूप में मजबूत पहचान दिलाना। समारोह में एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह, एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास, एनडीडीबी के ग्रुप हेड (मार्केटिंग) स्वप्न सिन्हा और उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी धनराज खत्री सहित अधिकारी, वितरक और रिटेलर्स मौजूद रहे। नई पैकेजिंग में दूध के साथ दही, पनीर, छाछ, मट्ठा, चाय सहित अन्य उत्पादों को भी एक समान डिजाइन दिया गया है। इससे अलग-अलग उत्पादों की बाजार में पहचान आसान होगी। सांची की नई ब्रांडिंग में आधुनिकता के साथ मध्यप्रदेश की स्थानीय कला और ग्रामीण जीवन की झलक भी दिखाई देगी।


  • गाँव से बाजार तक सांची
    उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ का काम केवल दूध बेचने तक सीमित नहीं है। गाँवों से सीधे दूध संग्रह कर दुग्ध उत्पादकों को उचित और पारदर्शी मूल्य उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को समय पर भुगतान, संतुलित पशु आहार की जानकारी और वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। सांची के दूध और दुग्ध उत्पाद खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाते है।

    सिर्फ ब्रांड नहीं, भरोसे की पहचान
    एनडीडीबी चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि सांची केवल डेयरी ब्रांड नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सहकारी डेयरी व्यवस्था और लाखों दुग्ध उत्पादक परिवारों की मेहनत व विश्वास का प्रतीक है। नई ब्रांड पहचान इसी विरासत को आधुनिक बाजार से जोडऩे की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सांची की ताकत उसकी गुणवत्ता, उपभोक्ताओं का भरोसा और किसानों से सीधा जुड़ाव है। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास ने कहा कि नई ब्रांड पहचान केवल पैकेजिंग में बदलाव नहीं है, बल्कि बदलती उपभोक्ता जरूरतों और बाजार की संभावनाओं के अनुरूप आगे बढऩे की दिशा में बड़ा कदम है। लक्ष्य सांची को प्रदेश के हर परिवार का भरोसेमंद ब्रांड बनाने के साथ नए बाजार और नई उत्पाद श्रेणियों तक पहुंचाना है।

    लगातार बढ़ रहा दूध संकलन
    उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ के सीईओ धनराज खत्री ने बताया कि संघ का रोजाना दूध संकलन अब 2.01 लाख किलो तक पहुंच गया है। पिछले साल यह 1,55,195 किलो प्रतिदिन था। यानी एक साल में दूध संकलन में करीब 55 हजार किलो प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। इसे किसानों के बढ़ते जुड़ाव और सहकारी व्यवस्था में उनके भरोसे का संकेत माना जा रहा है। एनडीडीबी के ग्रुप हेड मार्केटिंग स्वप्न सिन्हा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूत ब्रांड पहचान बेहद जरूरी है। नई पहचान में आधुनिक डिजाइन और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का मेल किया गया है। एकरूप पैकेजिंग से उपभोक्ताओं को सांची के अलग-अलग उत्पाद पहचानने में आसानी होगी और बाजार में ब्रांड की दृश्यता बढ़ेगी।

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