
नई दिल्ली। अहमदाबाद एअर इंडिया विमान दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट का मसौदा अक्तूबर के पहले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। यह जानकारी सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को दी। बता दें कि यह हदासा पिछले साल जून में हुआ था।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर भी ध्यान दिया कि फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स एएआईबी को अपनी जानकारी दे सकता है, जिसे एएआईबी जांच के दौरान आवश्यक पाए जाने पर देख सकता है और उस पर कार्रवाई कर सकता है।
सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को बताया कि याचिकाकर्ताओं में से एक द्वारा दायर आवेदन के अनुसार चार सिमुलेशन परीक्षण किए जा चुके हैं। विधि अधिकारी ने कहा कि अंतिम मसौदा रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पीठ के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
अदालत एक गैर सरकारी संगठन, एक कानून के छात्र और मृतक पायलट के पिता द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दुर्घटना की स्वतंत्र, अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी। अब पीठ ने इन याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की है।
एएआईबी ने कहा था कि 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से संबंधित कॉकपिट की आवाज रिकॉर्डिंग और हवाई छवि रिकॉर्डिंग को किसी भी बाहरी समिति या जनता के सामने प्रकट करने पर “पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध” है। इसमें कहा गया था कि ऐसी सामग्री साझा करना विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2025 के अनुसूची सी के साथ पढ़े गए नियम 17(1) और नियम 17(5) का उल्लंघन होगा।
एयर इंडिया की बोइंग 787-8 फ्लाइट AI171, जो लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी, के पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर थे। यह दुर्घटना गुजरात के अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद हुई। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
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