
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही धर्मांतरण (Religious conversion) के खिलाफ सख्त कानून लाएगी। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उनके इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा सरकार पर विपक्ष को दबाने और दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
रवींद्र सदन में ‘वंदे मातरम्’ गीत की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव और तथाकथित “लव जिहाद” जैसी समस्याओं की बड़ी वजह है।
उन्होंने कहा, “हमें थोड़ा समय दीजिए। बंगाल में धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और एनआरसी (NRC) निश्चित रूप से लागू किए जाएंगे। जो लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर राष्ट्रीय सुरक्षा और संस्कृति के लिए खतरा बने हैं, उन्हें वापस भेजा जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि 9 अगस्त को आपातकाल का विरोध करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया।
महुआ मोइत्रा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री के बयान और विधानसभा में प्रस्तावित नए विधेयकों को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक के बाद प्रेस वार्ता की। उन्होंने सरकार की नीतियों की तुलना आपातकाल से करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है।
महुआ मोइत्रा ने विशेष रूप से प्रस्तावित ‘बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर बिना न्यायिक सुनवाई के एक वर्ष तक हिरासत में रखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रस्तावित कानून आपातकाल के दौरान लागू मीसा (MISA) और मौजूदा यूएपीए (UAPA) से भी अधिक कठोर है तथा इसमें पर्याप्त न्यायिक सुरक्षा के प्रावधान नहीं हैं।
भाजपा ने किया पलटवार
टीएमसी के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष सत्ता खोने के बाद जनता में भ्रम और भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। भाजपा का कहना है कि प्रस्तावित एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026 का उद्देश्य गुजरात और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर संगठित अपराध, सिंडिकेट राज, जबरन वसूली और राजनीतिक हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
भाजपा के अनुसार, प्रस्तावित कानून में दंगों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से नुकसान की भरपाई कराने का भी प्रावधान किया गया है।
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