
नई दिल्ली। आईफोन (iPhone) बनाने वाली दिग्गज टेक कंपनी Apple ने करीब 15 महीने बाद एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी (Valuable company) का खिताब हासिल कर लिया है। मार्केट वैल्यूएशन के मामले में Apple ने AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया।
Apple की कुल वैल्यूएशन करीब 4.88 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई, जबकि Nvidia के शेयरों में 3.5 प्रतिशत गिरावट के बाद कंपनी का बाजार मूल्य लगभग 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गया। इस बदलाव के साथ टेक कंपनियों की वैश्विक रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला और Apple फिर से नंबर-1 कंपनी बन गई।
Apple पिछले साल अप्रैल के बाद पहली बार इस मुकाम पर लौटी है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब कंपनी के सीईओ टिम कुक का कार्यकाल खत्म होने की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि सितंबर में कुक अपनी जिम्मेदारी हार्डवेयर क्षेत्र के अनुभवी जॉन टर्नस को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
निवेशकों का भरोसा Apple पर क्यों बढ़ा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का नजरिया अब बदल रहा है। पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में Nvidia को सबसे बड़ा विजेता माना जा रहा था, लेकिन अब Apple की मजबूत कमाई, विशाल इकोसिस्टम और सर्विस बिजनेस ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
BRI वेल्थ मैनेजमेंट के इन्वेस्टमेंट हेड टोनी मीडोज के अनुसार, Apple को पहले इसलिए पीछे माना जा रहा था क्योंकि कंपनी AI मॉडल बनाने पर ज्यादा खर्च नहीं कर रही थी। लेकिन अब बाजार की सोच बदल रही है।
उनका कहना है कि Apple पर भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर का दबाव कम है और कंपनी सर्विसेज, इकोसिस्टम लॉक-इन और हार्डवेयर अपग्रेड के जरिए AI से कमाई करने की बेहतर स्थिति में है। यह बदलाव AI से जुड़े केवल संभावित लाभों के बजाय कंपनी की स्थिर कमाई पर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।
AI में Apple की नई रणनीति
Apple ने पिछले महीने अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri में लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव लागू किए हैं। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि नया अपग्रेडेड Siri AI की प्रतिस्पर्धा में Apple को बड़ी टेक कंपनियों और नए स्टार्टअप्स के करीब लाने में मदद कर सकता है।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि Apple के पास हर iPhone में मौजूद यूजर डेटा के रूप में AI के लिए बड़ा आधार मौजूद है। इस डेटा की मदद से Siri के जवाब अधिक उपयोगी और असिस्टेंट ज्यादा सक्षम बनाए जा सकते हैं। हालांकि, कंपनी के सामने चुनौती यह है कि प्राइवेसी नीतियों के कारण यह डेटा ऑपरेटिंग सिस्टम में सुरक्षित रहता है। Apple को यह तय करना होगा कि यूजर्स की निजता बनाए रखते हुए इस डेटा की क्षमता का इस्तेमाल कैसे किया जाए।
Nvidia की वापसी की संभावना भी बरकरार
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार का रुख बदलने पर Nvidia एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर सकती है। इसकी वजह यह है कि Nvidia अभी भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी लाभार्थी कंपनियों में शामिल है। कंपनी के ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPU) दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश जनरेटिव AI मॉडल को चलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में AI सेक्टर में Nvidia की मजबूत पकड़ बनी हुई है।
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