
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा कि किसी भी संगीत को तैयार करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। नए विचारों पर काम करने से लेकर धुनों को बार बार सुधारने और पूरी रचना को परखने तक संगीतकार को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। उनके मुताबिक जब कोई काम दर्शकों के सामने पहुंचता है तब तक उसे कई बार जांचा और सुधारा जा चुका होता है। ऐसे में हर प्रतिक्रिया को देखने और उस पर लगातार विचार करने के लिए ऊर्जा नहीं बचती। उन्होंने कहा कि वह अपना काम लोगों के सामने रख देते हैं और उम्मीद करते हैं कि दर्शक उसे पसंद करेंगे।
रहमान ने यह भी बताया कि उनका बेटा उन्हें सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के बारे में जानकारी देता रहता है। उनके बेटे के अनुसार कभी लोग किसी बात की आलोचना करते हैं तो कभी वही लोग अपनी राय बदल लेते हैं या माफी मांग लेते हैं। इस पर रहमान का नजरिया सहज है। उनका कहना है कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है और उन्हें उम्मीद है कि लोग उनके प्रयास की सराहना करेंगे। उनके बयान से यह साफ है कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली हर टिप्पणी को अपने काम का अंतिम मूल्यांकन नहीं मानते।
दरअसल रामायण का गाना मंगल रंग रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना साल 2012 में आई फिल्म रॉकस्टार के लोकप्रिय गीत कुन फाया कुन से की है। इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। वहीं कुछ दर्शकों ने मंगल रंग की प्रस्तुति को कव्वाली जैसा बताते हुए सवाल उठाए हैं। गाने की धुन और संगीत की शैली को लेकर अलग अलग राय सामने आ रही हैं। हालांकि किसी फिल्म के संगीत को लेकर दर्शकों की पसंद अलग होना सामान्य बात है और अंतिम प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद भी बदल सकती है।
गाने के वीडियो में दिखाए गए एक दृश्य को लेकर भी बहस हुई है। इसमें रणबीर कपूर के राम वाले किरदार के साथ सीता की भूमिका में दिखाई गई अभिनेत्री को हल्दी की रस्म के दौरान दिखाया गया है। कुछ यूजर्स ने इस दृश्य पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे पारंपरिक हिंदू रीति रिवाजों के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए था। इस मुद्दे पर फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं तक ही सीमित है।
गाने के वीडियो में दिखाए गए एक दृश्य को लेकर भी बहस हुई है। इसमें रणबीर कपूर के राम वाले किरदार के साथ सीता की भूमिका में दिखाई गई अभिनेत्री को हल्दी की रस्म के दौरान दिखाया गया है। कुछ यूजर्स ने इस दृश्य पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे पारंपरिक हिंदू रीति रिवाजों के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए था। इस मुद्दे पर फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं तक ही सीमित है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। फिल्म पर कई वर्षों से काम चल रहा है और इसके कलाकारों तथा तकनीकी टीम की मेहनत को लेकर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म को अमेरिका ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में एडवांस बुकिंग के दौरान अच्छा शुरुआती प्रतिसाद मिल रहा है। हालांकि फिल्म की वास्तविक सफलता का आकलन रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से ही हो सकेगा। फिलहाल एआर रहमान का बयान और गानों को लेकर जारी बहस ने फिल्म की रिलीज से पहले इसकी चर्चा और तेज कर दी है।
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