
नई दिल्ली. एशियाई खेलों (Asian Games) में भारतीय महिला (Indian women) कंपाउंड तीरंदाजी टीम (Compound archery team) ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. फाइनल मुकाबले में चीन (China) को शिकस्त देकर भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल (gold medal) पर कब्जा जमा लिया है.
चीन ने फाइनल राउंड की शुरुआत 10 के स्कोर के साथ की, लेकिन फिर दो बार 9 का स्कोर करके पिछड़ गया. भारत का जवाब बहुत शानदार था. लगातार तीन बार 10 का स्कोर किया, जिससे उनके कोच बेहद खुश हुए. चीन ने आखिर में तीन बार 10 का स्कोर किया और भारत ने भी वैसा ही जवाब दिया. तीन बार परफेक्ट 10 का स्कोर करके उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की और गोल्ड मेडल जीत लिया.
इससे पहले सेमीफाइनल में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांसें रोक देने वाला मुकाबला देखने को मिला था. बेहद कांटे की टक्कर में भारतीय महिला खिलाड़ी चिखिथा तनीप्रथी, प्रितिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम ने दबाव के पलों में गजब का संयम और कौशल दिखाया.
कोरियाई टीम ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन चिखिता की शानदार वापसी, पृथिका के अचूक निशाने और अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम के बेहतरीन अंतिम पलों के दम पर भारत ने 234-233 से रोमांचक जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई थी.
सेमीफाइनल की इस धड़कन बढ़ा देने वाली सफलता के बाद, स्वर्ण पदक के खिताबी मुकाबले में उतरी भारतीय चौकड़ी ने चीन को धूल चटा दी. मैच की शुरुआत में कोरियाई या चीनी खिलाड़ियों ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन भारतीय महिलाओं ने अपनी अचूक तीरों से हर चुनौती को ध्वस्त कर दिया.
चिखिथा तनीप्रथी, प्रितिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की तिकड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का संयम और सटीकता दिखाई, उसने यह साबित कर दिया कि भारतीय तीरंदाजी अब दुनिया की शीर्ष ताकतों में शुमार है. इस ऐतिहासिक गोल्ड मेडल ने देश भर के खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है और एशियाई खेलों में भारत के स्वर्णिम सफर में एक और चमकता हुआ अध्याय जोड़ दिया है.
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