भोपाल। मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी मनोज श्रीवास्तव (Manoj Srivastava) की एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। पोस्ट में उन्होंने सऊदी अरब के धार्मिक स्थलों पर लागू नियमों का हवाला देते हुए भारत में मंदिरों और गरबा (Garba) जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान होने वाली गतिविधियों पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा कि भारत में लोग गरबा में कुछ भी कर लेते हैं और मंदिरों का इस्तेमाल रील बनाने के लिए करते हैं। पोस्ट के अंत में उन्होंने विदेशों में नियमों का पालन करने और भारत लौटकर देश की व्यवस्था की आलोचना करने वालों पर भी टिप्पणी की।
श्रीवास्तव ने अपनी पोस्ट में सऊदी अरब में एक बांग्लादेशी मूल के महिला-पुरुष को मस्जिद में चुंबन करने के आरोप में मृत्युदंड दिए जाने का दावा किया। हालांकि, इस घटना और कथित सजा की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। उन्होंने इसी संदर्भ में धार्मिक स्थलों की मर्यादा और सार्वजनिक व्यवहार से जुड़े नियमों का पालन करने की जरूरत बताई।
मनोज श्रीवास्तव ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हम लोग शुक्र करें कि हम भारत में हैं, जहां गरबा में कोई भी हरकत कर लेते हैं और जहां मंदिर रील बनाने के काम आते हैं।”
उन्होंने सऊदी अरब जाने वाले लोगों को वहां के कानूनों और धार्मिक स्थलों की मर्यादाओं का पालन करने की सलाह दी। पोस्ट में सार्वजनिक स्थानों पर चुंबन, आलिंगन और अन्य अंतरंग व्यवहार, अशोभनीय टिप्पणियों तथा बिना अनुमति लोगों की तस्वीरें और वीडियो बनाने जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बात करने, नमाज में व्यवधान डालने, धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने और इबादत के दौरान वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने जैसी गतिविधियों से भी बचने की बात कही।
मक्का-मदीना के धार्मिक स्थलों का किया जिक्र
अपनी पोस्ट में श्रीवास्तव ने मक्का की मस्जिद अल-हराम और मदीना की मस्जिद अन-नबवी का उल्लेख करते हुए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से जुड़े प्रतिबंधों तथा नियमों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों पर लोगों की निजता, धार्मिक गतिविधियों और स्थानीय नियमों का सम्मान करना जरूरी है। हज और रमजान के दौरान भीड़ को देखते हुए नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जाता है।
भारत लौटकर लोकतंत्र पर सवाल उठाने वालों पर तंज
पोस्ट के अंत में मनोज श्रीवास्तव ने विदेशों में नियमों का पालन करने और भारत लौटने के बाद देश की व्यवस्था की आलोचना करने वालों पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “जब भारत वापस लौटें तो अपने देश को कोसें कि यहां तानाशाही है, यहां लोकतंत्र का भट्टा बैठ गया है, वगैरह-वगैरह।” उनकी इस टिप्पणी को धार्मिक स्थलों पर आचरण, सार्वजनिक अनुशासन और देश की व्यवस्थाओं को लेकर होने वाली बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
कौन हैं मनोज श्रीवास्तव?
मनोज कुमार श्रीवास्तव मध्य प्रदेश कैडर के 1987 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वे अप्रैल 2021 में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने राज्य में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दी हैं।
प्रशासनिक सेवाओं के अलावा श्रीवास्तव साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उन्हें केंद्रीय हिंदी संस्थान के स्वामी विवेकानंद पुरस्कार और मध्य प्रदेश सरकार के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान कबीर सम्मान से नवाजा जा चुका है। उन्होंने 38 पुस्तकों का लेखन एवं प्रकाशन किया है। वे साहित्यिक पत्रिका ‘अक्षरा’ के मुख्य संपादक भी हैं।
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