नई दिल्ली। केन्या में धार्मिक कट्टरपंथ और अंधविश्वास (Superstition) से जुड़े शाकाहोला नरसंहार (Shakahola Massacre) मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मोम्बासा (Mombasa) की एक अदालत ने स्वयंभू पादरी पॉल मैकेन्जी और उसके 28 सहयोगियों को 190 बच्चों तथा एक वयस्क की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने अनुयायियों को ईसा मसीह से मिलने के नाम पर भूखे रहने और जान देने के लिए प्रेरित किया था।
न्यायाधीश डायना कावेद्जा मोचाचे ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि पादरी ने अपने करीब 800 एकड़ के परिसर में मौत का एक व्यवस्थित ढांचा तैयार किया था। इस मामले में सामने आए आरोपों के अनुसार, अनुयायियों और बच्चों को कथित तौर पर कठोर उपवास के लिए मजबूर किया गया, जिसके कारण कई लोगों की मौत हुई।
अदालत में पेश तथ्यों के मुताबिक, पॉल मैकेन्जी ने वर्ष 2003 में गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च की स्थापना की थी। उस पर आरोप है कि उसने अनुयायियों को बताया कि दुनिया का अंत नजदीक है और ईसा मसीह से मिलने के लिए उन्हें भोजन त्यागकर अपनी जान देनी होगी।
अभियोजन के अनुसार, इस कथित योजना में सबसे पहले बच्चों को भूखा रखने का आदेश दिया गया। इसके बाद किशोरों, महिलाओं और पुरुषों की बारी तय की गई थी।
न्यायाधीश ने कहा कि कट्टरपंथ का सबसे क्रूर पहलू यह था कि कुछ माताओं ने भी अपने बच्चों को भोजन देने से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्टों में कई बच्चों की मौत का कारण भुखमरी बताया गया। कुछ शवों पर दम घुटने, गला दबाने और सिर पर गंभीर चोट के संकेत भी मिले।
यह मामला अप्रैल 2023 में सामने आया था। मानवाधिकार समूहों से मिली सूचनाओं के बाद पुलिस ने तटीय शहर मालिंदी के पास शाकाहोला जंगल में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई सामूहिक कब्रों का पता चला, जिनसे अब तक 429 से अधिक शव निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
शवों की बड़ी संख्या के कारण स्थानीय शवगृहों पर भी दबाव बढ़ गया था। सोमवार को आया फैसला 190 बच्चों और एक वयस्क की हत्या से संबंधित मामले में सुनाया गया। मैकेन्जी के खिलाफ आतंकवाद और मानव वध से जुड़े अन्य मामले भी चल रहे हैं।
फैसले के बाद अदालत में मौजूद पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने राहत जताई। 62 वर्षीय फ्रैंकिस वांजे ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों समेत परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया।
उन्होंने कहा कि उनके अपने अब कभी लौटकर नहीं आएंगे, लेकिन वर्षों के इंतजार के बाद उन्हें कुछ न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पॉल मैकेन्जी के अलग रह रहे 24 वर्षीय बेटे डैन ने भी फैसले पर राहत जताई और कहा कि पीड़ितों के साथ न्याय हुआ है।
अदालत पॉल मैकेन्जी और उसके 28 सहयोगियों को 6 नवंबर 2026 को सजा सुनाएगी। बचाव पक्ष के वकील लॉरेंस ओबोन्यो ने फैसले पर आश्चर्य जताते हुए इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।
इस मामले के बाद केन्या में स्वयंभू धार्मिक नेताओं, अनियंत्रित धार्मिक संगठनों और अंधविश्वास के जरिए लोगों को प्रभावित करने वाले समूहों पर नियंत्रण के लिए सख्त कानूनी उपायों की मांग तेज हुई है।
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