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‘हत्या नहीं, आत्महत्या का मामला’, ट्विशा शर्मा केस में भोपाल पुलिस का बड़ा दावा

May 20, 2026

नई दिल्लीभोपाल में नोएडा (Noida) की रहने वाली ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने बड़ा बयान दिया है। पुलिस (Police) का कहना है कि शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह मामला हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि मृतका के परिवार ने पति और सास पर दहेज प्रताड़ना तथा हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं।


  • पुलिस बोली- पोस्टमार्टम में फांसी से मौत की पुष्टि

    भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “एंटी-मॉर्टम हैंगिंग” की पुष्टि हुई है, यानी मौत फांसी लगाने से हुई। उन्होंने कहा कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामला आत्महत्या का नजर आ रहा है।

    ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। घटना के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    परिवार ने लगाए दहेज प्रताड़ना के आरोप

    मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ट्विशा को दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि इसी प्रताड़ना के कारण उनकी मौत हुई या फिर उन्हें मारकर मामला आत्महत्या का रूप दिया गया।

    मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज बताई जा रही हैं। वहीं घटना के बाद से समर्थ सिंह के लापता होने की बात भी सामने आई है।

    ड्रग्स के आरोपों को पुलिस ने नकारा

    ट्विशा की सास ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि वह गांजा जैसी चीजों की आदी थीं और परिवार उन्हें ग्लैमर इंडस्ट्री की ओर धकेल रहा था। हालांकि पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी तरह के ड्रग्स सेवन का उल्लेख नहीं मिला है। जांच में भी ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया।

    दूसरा पोस्टमार्टम कराने की मांग

    ट्विशा के परिवार ने मामले में दूसरे पोस्टमार्टम की मांग की है। इसी कारण परिजनों ने अब तक शव लेने से इनकार किया हुआ है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति वापस ले ली।

    इस पर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति देना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा कि यदि परिवार दोबारा पोस्टमार्टम चाहता है तो उसे अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा। पुलिस ने परिवार की अर्जी केस डायरी में शामिल कर ली है।

    बेल्ट समय पर पोस्टमार्टम टेबल तक नहीं पहुंची

    पुलिस ने यह भी स्वीकार किया कि जिस बेल्ट से कथित तौर पर फांसी लगाई गई थी, वह समय पर पोस्टमार्टम के दौरान उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस लापरवाही की अलग से जांच कराई जाएगी, हालांकि इससे मुख्य जांच प्रभावित नहीं होगी।

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