नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक में संगठन विस्तार (Organizational Expansion) के साथ युवाओं, खासकर Gen-Z तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर जोर दिया है। पार्टी 14 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए विशेष ‘युवा संवाद’ अभियान शुरू करने की तैयारी में है। इस पहल को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की संगठनात्मक रणनीति के अहम हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
शनिवार को भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की पहली परिचय बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से लगातार जुड़ाव और नए विचारों को महत्व देने पर जोर दिया।
पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों से युवाओं के बीच संपर्क बढ़ाने को कहा। उनका संदेश था कि युवाओं से संवाद केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी आकांक्षाओं, समस्याओं, शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
बदलती पीढ़ी के साथ संवाद के लिए नए माध्यमों और तरीकों को अपनाने पर भी बैठक में जोर दिया गया।
भाजपा ने युवाओं के लिए प्रस्तावित ‘युवा संवाद’ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े, गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी तथा छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी शामिल हैं।
अभियान के तहत युवाओं के साथ सीधे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्हें अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं सामने रखने के साथ भाजपा नेताओं से सीधे सवाल पूछने का अवसर भी दिया जाएगा। कार्यक्रमों की तारीख और स्थान बाद में घोषित किए जाने की बात कही गई है।
भाजपा की यह रणनीति इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 2027 में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं।
इन राज्यों में बड़ी युवा आबादी को देखते हुए भाजपा का फोकस नई पीढ़ी के साथ राजनीतिक और सामाजिक संवाद मजबूत करने पर है। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से ‘यूनिवर्सिटी आउटरीच’ के जरिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों तक पहुंच बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कुल 65 पदाधिकारी हैं, जिनमें 51 नए चेहरे बताए गए हैं। पहली बैठक में नए पदाधिकारियों के साथ पुराने नेताओं को भी बुलाया गया।
इसका उद्देश्य संगठन में निरंतरता बनाए रखने के साथ नए नेतृत्व और पुराने अनुभव के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था। बैठक में संगठन को बूथ स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत करने और लगातार जनता के बीच सक्रिय रहने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में नेताओं के सार्वजनिक आचरण को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया गया। पदाधिकारियों से कहा गया कि सार्वजनिक जीवन में संयम, अनुशासन और जिम्मेदारी बनाए रखना जरूरी है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि किसी पदाधिकारी का निजी और सार्वजनिक व्यवहार संगठन की छवि को प्रभावित करता है। इसलिए नेताओं को मर्यादित आचरण के साथ पार्टी के कार्यक्रमों के जरिए जनता से निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा गया।
नितिन नवीन ने पदाधिकारियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने का संदेश दिया। पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहते हुए संगठन को और मजबूत करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक लगातार पहुंच बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह संकेत भी दिया गया कि भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियां सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं रहेंगी। सेवा कार्यों और सामाजिक संपर्क के जरिए भी पार्टी की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष अभियान की घोषणा भी की गई।
भाजपा महासचिव विनोद तावड़े के मुताबिक, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। पार्टी के अनुसार, मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इस वर्ष अक्टूबर में सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके 25 वर्ष पूरे होंगे।
अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ता सेवा गतिविधियों के साथ-साथ केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे। युवाओं, महिलाओं, किसानों समेत समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यानी भाजपा की नई संगठनात्मक रणनीति में एक तरफ 2027 के चुनावों की तैयारी दिखाई दे रही है, तो दूसरी तरफ Gen-Z और पहली बार राजनीति को करीब से देखने वाली युवा पीढ़ी के साथ लंबे समय का संपर्क बनाने पर जोर है।
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