श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला जेल (Sheopur District Jail) की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक विचाराधीन कैदी शनिवार दोपहर जेल की दीवार फांदकर (Scaling the prison wall) फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन (Prison Administration) में हड़कंप मच गया। पुलिस और जेल विभाग की टीमें संभावित ठिकानों पर कैदी की तलाश में जुटी हैं।
फरार कैदी की पहचान धर्मेंद्र उर्फ सुरेश कुशवाह (24) निवासी पलायचा, थाना बेलगढ़ा, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। वह करीब तीन महीने से श्योपुर जिला जेल में बंद था।
सिलाई ट्रेनिंग के बाद गीता प्रवचन में पहुंचा
जानकारी के मुताबिक धर्मेंद्र शनिवार सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक जेल में चल रही सिलाई ट्रेनिंग में शामिल था। इसके बाद दोपहर 12 से 1 बजे के बीच जेल परिसर के सभागार में ऑनलाइन गीता प्रवचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कैदी भी इस कार्यक्रम में पहुंचा। आरोप है कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह बैरक में लौटने के बजाय जेल परिसर में ही कहीं छिप गया। इसके बाद मौका मिलते ही उसने चादर को रस्सी की तरह इस्तेमाल किया और जेल की दीवार फांदकर बाहर निकल गया।
भनक लगते ही मचा हड़कंप
कैदी के गायब होने की जानकारी सामने आते ही जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल परिसर और आसपास के इलाकों में तलाशी शुरू की गई। जेल प्रबंधन ने घटना की सूचना जेल मुख्यालय और श्योपुर पुलिस अधीक्षक को दी।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के सभी संबंधित थानों को सूचना भेजकर संभावित रास्तों और ठिकानों पर सर्चिंग शुरू कर दी।
महिला को भगाकर ले जाने का है आरोप
धर्मेंद्र कुशवाह के खिलाफ कराहल थाने में एक महिला को भगाकर ले जाने और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का मामला दर्ज है। पुलिस ने उसके खिलाफ BNS की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद इसमें धारा 87 भी जोड़ी गई थी।
न्यायालय के आदेश के बाद धर्मेंद्र को जेल भेजा गया था और वह 31 मई 2026 से श्योपुर जिला जेल में बंद था।
संभावित ठिकानों पर पुलिस की नजर
जिला जेल अधीक्षक प्रभात कुमार के मुताबिक फरार कैदी की तलाश के लिए पुलिस ने संभावित ठिकानों और आसपास के क्षेत्रों में अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस कैदी के संपर्कों और संभावित भागने के रास्तों की भी जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल कैदी के फरार होने के मामले में जेल की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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