
नई दिल्ली। भारत (India) की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) आज दोपहर दिल्ली पहुंचेंगे। जिनपिंग इस दौरे पर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। इससे पहले इंडोनेशिया, फिलीपींस के अलावा अफ्रीकी देश नाइजीरिया से कई अन्य मेहमान भी भारत पहुंचे।
ब्रिक्स अफ्रीका की अध्यक्ष अयांडा होलो (Ayanda Holo) ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 (BRICS Summit 2026) के अनुभव को शानदार और बड़े पैमाने का बताया। उन्होंने कहा कि इस बार बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए हैं और दक्षिण अफ्रीका 130 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों को लेकर आया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विकास की जिम्मेदारी केवल सरकारों तक सीमित न रहने देने की बात मजबूती से रखी है। होलो के अनुसार, व्यवसायों को भी साथ मिलकर आर्थिक मजबूती और साझा समृद्धि सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका के गहरे संबंधों और दोनों देशों के बीच सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।
ब्रिक्स सम्मेलन की व्यवस्थाओं से जर्मन मीडिया प्रतिनिधि प्रभावित
दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल जर्मन मीडिया प्रतिनिधि बेन ने भारत की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत उनकी उम्मीदों से कहीं बेहतर है और सम्मेलन का आयोजन अब तक बिल्कुल शानदार रहा है। उन्होंने ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में हुए ब्रिक्स सम्मेलनों का अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस बार मिला मीडिया किट सबसे बेहतरीन है, जिसमें वीगन सुपर फूड, कॉफी, हल्का मग, खूबसूरत स्कार्फ, बोतल और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल है।
नई दिल्ली पहुंचने पर मैक्सिम रिजेनकोव का हुआ स्वागत
बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेनकोव 2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार सुबह भारत पहुंचे। नई दिल्ली पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने उनका स्वागत किया गया। रिजेनकोव का भारत दौरा ब्रिक्स देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है।
शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने नई दिल्ली रवाना
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग से नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। उनके साथ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और CPC केंद्रीय समिति के सामान्य कार्यालय के निदेशक काई छी, तथा पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

वैश्विक आर्थिक बदलावों के बीच ब्रिक्स निर्णायक मोड़ पर: रामाफोसा
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रहे बड़े बदलावों, व्यापार के बदलते तौर-तरीकों, तीव्र तकनीकी विकास और जलवायु संकट के बीच ब्रिक्स समूह आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने इसे ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के लिए एक अधिक लचीला, विविधतापूर्ण और समावेशी आर्थिक भविष्य तैयार करने का सुनहरा अवसर करार दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के चलते दुनिया भर के देशों और कंपनियों को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि वे कहां से सामान खरीदें, कहां उत्पादन करें और कहां निवेश करें। उन्होंने कहा कि यह दौर ब्रिक्स देशों को पुरानी आर्थिक सीमाओं से बाहर निकलने का मौका देता है। ब्रिक्स देशों का लक्ष्य केवल आपसी व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहरे उत्पादक संबंध स्थापित करना होना चाहिए।
विकासशील देश केवल उपभोक्ता न बनें
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विकासशील देशों को केवल कच्चे माल के निर्यातक या तैयार माल के उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक वैश्विक मूल्य शृंखला में तकनीकी विकास और उच्च मूल्य विनिर्माण कुछ चुनिंदा देशों तक ही सीमित रहा है। विस्तारित ब्रिक्स को इस पुराने ढर्रे को दोहराने से बचना होगा। उन्होंने बताया कि 2013 में दक्षिण अफ्रीका की पहली ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल का गठन किया गया था, ताकि आर्थिक सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे। रामाफोसा ने ये बातें शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स के सत्र को संबोधित करते समय कही। इस फोरम में दक्षिण अफ्रीका की 120 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।
पुतिन के स्वागत के लिए दिल्ली के होटल में खास तैयारी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली प्रवास के दौरान उनके स्वागत के लिए आईटीसी मौर्या ने खास पाक तैयारियां की हैं। होटल में पुतिन के ठहरने की पुष्टि के बाद उनके सम्मान में भारतीय पारंपरिक मिठाइयों से सजी विशेष थाली तैयार की गई है। होटल के मुताबिक, विशेष थाली में भारतीय पाक विरासत को दर्शाने वाली पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं। इसके साथ भारतीय मसालों से तैयार चॉकलेट बोनबोन भी परोसे जाएंगे। इनमें इलायची, केसर, गुलाब, अदरक और सौंफ जैसे स्वाद शामिल हैं।
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