
जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र की दर्शनी कॉलोनी में लापरवाही से ट्रक चलाने का विरोध करने पर दबंगों ने मंगल चौधरी के घर पर हमला कर तोडफ़ोड़ की, महिला से अभद्रता की और घर को आग के हवाले कर दिया। इस मामले में तब नया मोड़ आ गया जब पीडि़त परिवार ने सिहोरा थाने के एसआई पांडे पर मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए कमजोर धाराओं में मनगढ़ंत रिपोर्ट लिखने और विरोध करने पर पीडि़त महिला की कलाई मरोड़कर थाने से बाहर निकालने का आरोप लगाया। थाने के भीतर हुई इस बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश है, जबकि पुलिस प्रशासन ने मंगल चौधरी को 12 मुकदमों का पुराना अपराधी बताते हुए सरकारी काम में बाधा डालने की बात कही है। सिहोरा की दर्शनी कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने से मना करने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने एक परिवार को अपना निशाना बना लिया। पीडि़त पक्ष का कहना है कि विरोध दर्ज कराने जैसी छोटी सी बात पर भड़के आरोपियों ने लामबंद होकर उनके पूरे घर को घेर लिया। हमलावरों ने न केवल घर में घुसकर जमकर तोडफ़ोड़ की बल्कि वहां मौजूद महिलाओं के साथ बेहद शर्मनाक व्यवहार भी किया। इसके बाद भी जब आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने पूरे घर को आग के हवाले कर दिया, जिससे पीडि़त परिवार का भारी नुकसान हुआ है।
सभी आरोप निराधार, आरोपी का पुराना रिकॉर्ड-
इस पूरे विवाद पर पुलिस के उच्च अधिकारियों का रुख बिल्कुल अलग है। पुलिस प्रशासन ने पीडि़त परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और निराधार बताया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायतकर्ता मंगल चौधरी का पुराना आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ हत्या के आरोपियों को पनाह देने तथा डकैती जैसी संगीन धाराओं में पहले से ही करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अधिकारियों का तर्क है कि पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली थी, लेकिन शिकायतकर्ता अनुचित लाभ लेने के लिए पुलिस पर कई अज्ञात लोगों के नाम जबरन केस में शामिल करने का दबाव बना रहा था।
विभागीय जांच के आदेश
मामले के तूल पकडऩे और इंटरनेट पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को संभाला है। कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि को ध्यान में रखते हुए पूरे घटनाक्रम की एक उच्च स्तरीय विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जिले के आला अफसरों ने आश्वस्त किया है कि इस पूरे मामले के हर एक पहलू की निष्पक्षता से पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट में यदि किसी भी स्तर पर अधीनस्थ स्टाफ की लापरवाही, पदीय मर्यादा का उल्लंघन या महिला के साथ दुर्व्यवहार की बात साबित होती है, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ बेहद सख्त दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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