
छतरपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) से जुड़े विस्थापन और अन्य मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से चल रहा ‘चिता आंदोलन’ (‘Chita Movement’) शनिवार सुबह जिला प्रशासन ने समाप्त करा दिया। सुबह करीब 6 बजे भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम धरना स्थल पहुंची। इसके बाद करीब एक घंटे तक आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासनिक टीम में एडीएम विनय द्विवेदी, एएसपी आदित्य पाटले समेत छतरपुर और पन्ना जिले के एसडीएम स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
नदी में उतर गए आंदोलनकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह 5 बजे से ही आंदोलनकारी बराना नदी में उतरकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ लोग सांकेतिक रूप से बनाई गई चिताओं पर लेट गए, कुछ सूली और फांसी के फंदे का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करने लगे। पुलिस और प्रशासन के पहुंचते ही कई प्रदर्शनकारी नदी के गहरे और तेज बहाव वाले हिस्से में चले गए।
करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। इस दौरान प्रदर्शन कर रही महिलाओं को महिला पुलिसकर्मी धरना स्थल से हटाकर बाहर ले गईं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस दौरान कई महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे कुछ महिलाएं बेहोश हो गईं और कुछ को चोटें आईं।
अमित भटनागर को अस्पताल ले जाया गया
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर नदी में अपने साथियों के साथ डटे रहे। उन्हें बाहर लाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी नदी में उतरे, लेकिन तेज बहाव के कारण वापस लौटना पड़ा। बाद में काफी समझाइश के बाद अमित बाहर आए, जिसके बाद पुलिस उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले गई।
प्रशासन का पक्ष
एडीएम विनय द्विवेदी और एएसपी आदित्य पाटले ने बताया कि अमित भटनागर पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और इसके लिए उनकी सहमति भी ली गई।
अमित भटनागर ने क्या कहा
अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि प्रशासन इलाज के बहाने उन्हें धरना स्थल से हटाना चाहता था। उनके मुताबिक, यह प्रशासन के निरंकुश रवैये को दर्शाता है।
महिलाओं ने लगाए मारपीट के आरोप
वहीं धरने में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कई महिलाओं को घसीटकर हटाया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं।
डॉक्टर ने क्या कहा?
बिजावर के बीएमओ डॉ. महेश त्रिवेदी ने बताया कि अमित भटनागर पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल लाया गया है।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने दिसंबर 2021 में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री नरेन मोदी ने दिसंबर 2024 में इसकी शुरुआत की थी। इस परियोजना का उद्देश्य यमुना की सहायक नदियों केन और बेतवा को जोड़कर मध्यप्रदेश के नौ और उत्तर प्रदेश के चार जिलों में फैले सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराना है। प्रदर्शनकारी मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं। इससे पहले अप्रैल में प्रदर्शन किया गया था तब प्रशासन की ओर से आश्वासन देकर आंदोलन रुकवा दिया गया था।
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