
जबलपुर। जिस चिलचिलाती और भीषण गर्मी में इंसान तो क्या, बेजुबान जानवर भी पानी और छांव की भीख मांग रहे हैं, उस जानलेवा तपन में मासूम बच्चों को कड़ी धूप में झोंक देना कहां का न्याय है? जबलपुर के ट्रिपलआईटीडीएम परिसर में चल रहे एनसीसी कैंप में कुछ ऐसा ही अमानवीय नजारा देखने को मिला, जहां व्यवस्थापकों की लापरवाही के कारण 37 कैडेट्स लू और गंभीर डिहाइड्रेशन का शिकार होकर अस्पताल पहुंच गए।
तेज धूप में लगातार अभ्यास से बिगड़ी तबीयत
प्रशिक्षण शिविर में शामिल विद्यार्थियों को पिछले कई दिनों से सुबह से लेकर दोपहर की तेज धूप में कठिन शारीरिक अभ्यास कराया जा रहा था। गुरुवार को पारा 43 डिग्री पर पहुंचने के बाद भी बच्चों से कड़ी मेहनत कराई गई। शाम होते-होते कड़े अभ्यास के कारण बच्चों के शरीर में पानी की भारी कमी हो गई। इसके बाद कई कैडेट्स को उल्टियां होने लगीं और वे चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। गुरुवार रात को सबसे पहले 31 बीमार बच्चों को जिला अस्पताल विक्टोरिया के आपातकालीन वार्ड में लाया गया था। इसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे 2 और बच्चों की हालत बिगडऩे पर उन्हें भी भर्ती कराया गया। धीरे-धीरे अन्य बच्चों में भी लक्षण दिखने पर कुल पीडि़त बच्चों की संख्या बढ़कर 37 तक पहुंच गई। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की विशेष टीम को बच्चों की निगरानी में लगा दिया है।
पैरेट्सं ने लगाए आरोप
खबर फैलते ही शिविर में शामिल अधिकांश बच्चों के माता-पिता जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने प्रशिक्षण आयोजकों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।अभिभावकों का सीधा आरोप था कि इतनी भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बावजूद बच्चों के लिए मैदान पर छांव, ठंडे पानी या ओआरएस घोल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई थीं।
बच्चों की तबियत ठीक है:सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों में फूड प्वाइजनिंग जैसी कोई समस्या नहीं पाई गई है। बच्चों में दिखाई दे रहे सभी लक्षण केवल अत्यधिक गर्मी और लू के कारण पैदा हुए डिहाइड्रेशन के हैं। डॉक्टर कोठारी के अनुसार सभी बच्चों का बेहतर उपचार जारी ह।
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