इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मीडिया पर प्रतिबंध और डिजिटल सेंसरशिप (Digital censorship) बढ़ाए जाने के दावे सामने आए हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय और क्षेत्रीय समाचार वेबसाइटों के साथ-साथ कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म की पहुंच भी पाकिस्तान के कई हिस्सों में बाधित की गई है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्टों के मुताबिक, PoK में चल रहे प्रदर्शनों की व्यापक कवरेज के बाद कई समाचार वेबसाइटों तक पहुंच सीमित कर दी गई। इसके अलावा सरकार के आलोचक पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े कुछ यूट्यूब चैनलों पर भी कार्रवाई किए जाने के दावे किए गए हैं। इन दावों पर भी पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, PoK के रावलकोट समेत कई इलाकों में पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि रविवार देर रात सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा तथा गोलीबारी की घटनाएं हुईं। हालांकि, इन घटनाओं और उनके कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुछ स्थानीय स्रोतों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, मृतकों की संख्या और परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं तथा इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।
इस बीच, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के परिणामों के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) सरकार बनाने की मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण की 18 सीटों में से पीएमएल-एन ने 14 सीटों पर और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कराए गए चुनावों को स्वीकार करने से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा पाकिस्तान द्वारा वहां कराई जाने वाली चुनावी प्रक्रिया का कोई वैधानिक महत्व नहीं है। भारत का कहना है कि इस तरह की कवायद से क्षेत्र की कानूनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता।
उधर, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक शांति रैली के दौरान हुए आत्मघाती विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुलिस के अनुसार, यह हमला स्वात जिले के कबाल कस्बे में पुलिस थाने के सामने हुआ। विस्फोट में सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोगों की जान गई, जबकि अनेक अन्य घायल हुए हैं। घटना की जांच जारी है।
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