
सागर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर से अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और विज्ञान की जीत का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां बंडा तहसील के ग्राम धुरमार में एक किशोर को पिछले आठ महीनों के अंदर चार बार सांप ने काटा। अमूमन ऐसी घटनाओं में लोग झाड़-फूंक और तांत्रिकों के चक्कर में पड़ जाते हैं, लेकिन पीड़ित परिवार ने हर बार अंधविश्वास को दरकिनार कर विज्ञान और डॉक्टरों पर भरोसा जताया। नतीजा यह है कि किशोर चारों बार मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर आ गया। गांव के लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, तो वहीं डॉक्टर इसे सही समय पर मिले इलाज का परिणाम बता रहे हैं।
बार-बार काल बनकर आया सांप, पर हौसला नहीं हारा परिवार
जानकारी के अनुसार, धुरमार निवासी नारायण चौबे का पुत्र नमन चौबे (12वीं कक्षा का छात्र) बंडा के एक निजी स्कूल में पढ़ाई करता है। नमन के साथ सांप काटने का यह सिलसिला पिछले साल नवंबर महीने से शुरू हुआ था।
पहली बार (नवंबर): नमन को सबसे पहले नवंबर माह में सांप ने काटा। परिवार उसे तत्काल अस्पताल ले गया और वह ठीक हो गया।
दूसरी बार (दिसंबर): इसके ठीक एक महीने बाद दिसंबर में सांप ने उसे फिर काटा। परिवार फिर अस्पताल भागा और नमन की जान बच गई।
तीसरी बार (जनवरी): जनवरी माह में सांप ने नमन को तीसरी बार अपना निशाना बनाया, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर उसे फिर स्वस्थ कर दिया।
चौथी बार (मंगलवार रात): हाल ही में मंगलवार रात करीब 8 बजे सांप ने नमन के हाथ में चौथी बार काट लिया।
डॉक्टर छात्र पर रख रहे नजर
मंगलवार रात को सांप के काटने के बाद परिजन बिना एक पल गंवाए नमन को तत्काल बंडा विकासखंड अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां दो दिनों तक प्राथमिक उपचार और निगरानी में रखने के बाद, बेहतर देखभाल के लिए गुरुवार रात 10 बजे उसे सागर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, नमन को समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिल गया था, जिसके कारण उसकी हालत अब बिल्कुल सामान्य और खतरे से बाहर है।
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