
उज्जैन। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का 50 दिन गुजर जाने के बाद भी निराकरण नहीं होने पर कलेक्टर ने दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और एक तहसीलदार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा रोपे 15000 पौधा भौतिक सत्यापन करने के लिए भी कहा।
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि शिकायतों को सहायक के भरोसे छोडऩे के बजाय खुद देखें और लोगों की संतुष्टि के साथ उनका निराकरण करें।
शिकायतों को जबरन बंद कराने की कोशिश न करें। विभागों के बीच केवल पत्राचार करने से शिकायतों का समाधान नहीं होगा। संबंधित अधिकारी आपस में फोन पर चर्चा कर समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में 50 दिन से अधिक पुरानी शिकायतें लंबित नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग द्वारा लगाए गए 15 हजार पौधों के रोपण का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इससे पौधारोपण की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। पिछड़ा वर्ग विभाग की उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति के मामले लंबित रहने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित समीक्षा कर पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति दिलाने के निर्देश दिए। जनआकांक्षा सुशासन पहल के तहत नगरीय निकायों में लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इनके जल्द निराकरण पर जोर दिया। बैठक में जिले में रासायनिक खाद वितरण की स्थिति की समीक्षा भी की गई। सभी एसडीएम से चर्चा के दौरान खाद वितरण की स्थिति संतोषजनक बताई गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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