img-fluid

200 करोड़ की एसडी पर निगम का ‘कब्जा’…. गारंटी पीरियड खत्म फिर भी भुगतान नहीं

September 24, 2026

जबलपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम में ठेकेदारों की 200 करोड़ रुपए से अधिक की सिक्योरिटी डिपॉजिट (एसडी) राशि लंबे समय से अटकी होने की बात सामने आई है। कई ऐसे निर्माण कार्य हैं, जिनकी गारंटी अवधि वर्षों पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित ठेकेदारों को उनकी एसडी राशि वापस नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि नगर निगम की लेखा शाखा में एसडी से संबंधित फाइलों का ढेर लगा हुआ है। मौजूदा कामों के बिलों का भुगतान भी कई मामलों में पूरा नहीं हो पा रहा है। भुगतान 20-20 प्रतिशत की किस्तों में किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में ठेकेदारों ने एसडी की राशि के लिए प्रयास करना भी लगभग बंद कर दिया है।

कोरोना काल से भुगतान व्यवस्था प्रभावित
जानकारों के मुताबिक, कोरोना महामारी से पहले नगर निगम में एसडी राशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता था। कोरोना काल के दौरान भुगतान व्यवस्था प्रभावित हुई और इसके बाद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इसी अवधि से एसडी की राशि लगातार लंबित होती गई और अब यह आंकड़ा 200 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।


  • ठेकेदार न्यायालय जाने की तैयारी में
    लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण कुछ ठेकेदार अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। ठेकेदारों का कहना है कि जब काम निर्धारित शर्तों के अनुसार पूरा हो चुका है और गारंटी अवधि भी समाप्त हो गई है तो सिक्योरिटी राशि को अनिश्चितकाल तक रोकना उचित नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ ठेकेदार उपभोक्ता फोरम का रुख करने की तैयारी में हैं, जबकि बड़ी राशि वाले मामलों में अनुबंध की शर्तों के आधार पर मूल राशि के साथ ब्याज की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में जाने की तैयारी की जा रही है।

    एसडी की फाइलों पर भी नहीं हो रही कार्रवाई
    ठेकेदारों का आरोप है कि एसडी की फाइलें पूरी कराने के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। कई मामलों में संबंधित अधिकारियों द्वारा फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर अधिकारियों की ओर से यह तर्क दिए जाने की चर्चा है कि जब निगम के सामने मौजूदा बिलों के भुगतान का संकट है तो एसडी की राशि जारी करना भी मुश्किल है।

    कमीशन मांगने के आरोप भी
    कुछ ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि पूर्व में लंबित एसडी राशि जारी कराने के लिए कथित तौर पर 20 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की गई। उनका दावा है कि जिन्होंने राशि दी, उनकी एसडी जारी हो गई, जबकि अन्य ठेकेदारों की राशि अब भी अटकी हुई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    क्या होती है एसडी?
    सिक्योरिटी डिपॉजिट यानी प्रतिभूति राशि ठेकेदार से इसलिए जमा कराई जाती है ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित रहे और गारंटी अवधि के दौरान निर्माण में कोई कमी या खराबी सामने आने पर उसे ठीक कराया जा सके। निर्धारित शर्तों के अनुसार काम पूरा होने और गारंटी अवधि समाप्त होने के बाद यह राशि ठेकेदार को वापस की जाती है। नगर निगम से जुड़े कार्यों में गारंटी अवधि कार्य पूर्ण होने के बाद तीन वर्ष तक निर्धारित होने की बात कही गई है। ऐसे में वर्षों पहले गारंटी अवधि पूरी कर चुके कार्यों की एसडी राशि अब तक लंबित रहने से निगम की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    Share:

  • सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved