काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ (Devastating floods in Nepal) और भूस्खलन (Landslide) से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा (Nepal-Tibet border) से सटे इलाकों में प्राकृतिक आपदा के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है। नेपाल में 670 और तिब्बत में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं नेपाल और तिब्बत में कुल 2,482 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 90 हजार से अधिक लोग बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। कई सड़कें और पुल बह जाने तथा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क टूटने के कारण बचाव दलों के सामने लगातार चुनौती बनी हुई है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में 1,924 लोग लापता हैं, जबकि तिब्बत में लापता लोगों की संख्या 558 है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नए बाढ़ के खतरे ने राहत और बचाव कार्य को और मुश्किल बना दिया है। सुरंगों, पहाड़ी इलाकों और अन्य दुर्गम स्थानों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल अभियान चला रहे हैं।
बाढ़ और भूस्खलन में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद प्रशासन के सामने शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों तक पहुंचाने की चुनौती है। इस बीच भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए संपर्क नंबर जारी किए हैं।
शवों की पहचान या संबंधित जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है—
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
+977 981 032 6117
नेपाल में आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत की ओर से भी राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग बढ़ाया गया है। प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उनके परिजनों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लगातार बदलते मौसम, भूस्खलन और नए बाढ़ के खतरे को लेकर है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रखे हुए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved